हाइवा आगजनी कांड का 24 घंटे में खुलासा:राहुल दुबे गैंग के चार अपराधी हथियार समेत गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद

हाइवा आगजनी कांड का 24 घंटे में खुलासा:राहुल दुबे गैंग के चार अपराधी हथियार समेत गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद

हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हाइवा आगजनी कांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने ‘राहुल दुबे गैंग’ से जुड़े चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अवैध हथियार और लेवी से संबंधित पर्चे बरामद हुए हैं। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने बताया कि इस घटना का मुख्य उद्देश्य कोयला खनन और परिवहन क्षेत्र में दहशत फैलाना और वर्चस्व कायम करना था। अपराधियों ने वारदात स्थल पर ‘प्रकाश शुक्ला, मयंक सिंह और राहुल दुबे गैंग’ के नाम से हस्त लिखित पर्चे छोड़े थे। इन पर्चों के माध्यम से लेवी की मांग की गई थी और ट्रांसपोर्टरों को डराने का प्रयास किया गया था। हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। चंदौल गांव के पास हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी कर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मो. एजाज, मो. अफताब, मो. सलामत अंसारी और तुसार सिन्हा के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक का आपराधिक इतिहास तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 3 अवैध पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, लेवी मांगने के लिए इस्तेमाल किए गए पर्चे और मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में मो. सलामत अंसारी का आपराधिक इतिहास है। उस पर बड़कागांव और टंडवा थाने में रंगदारी और आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं। मो. एजाज पर भी पूर्व में एक मामला दर्ज है। पुलिस अब इस गिरोह के मददगारों और फंडिंग के स्रोतों की तलाश कर रही है। एसपी अमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और कोयला क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र के व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत महसूस की है। हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हाइवा आगजनी कांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने ‘राहुल दुबे गैंग’ से जुड़े चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अवैध हथियार और लेवी से संबंधित पर्चे बरामद हुए हैं। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने बताया कि इस घटना का मुख्य उद्देश्य कोयला खनन और परिवहन क्षेत्र में दहशत फैलाना और वर्चस्व कायम करना था। अपराधियों ने वारदात स्थल पर ‘प्रकाश शुक्ला, मयंक सिंह और राहुल दुबे गैंग’ के नाम से हस्त लिखित पर्चे छोड़े थे। इन पर्चों के माध्यम से लेवी की मांग की गई थी और ट्रांसपोर्टरों को डराने का प्रयास किया गया था। हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। चंदौल गांव के पास हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी कर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मो. एजाज, मो. अफताब, मो. सलामत अंसारी और तुसार सिन्हा के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक का आपराधिक इतिहास तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 3 अवैध पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, लेवी मांगने के लिए इस्तेमाल किए गए पर्चे और मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में मो. सलामत अंसारी का आपराधिक इतिहास है। उस पर बड़कागांव और टंडवा थाने में रंगदारी और आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं। मो. एजाज पर भी पूर्व में एक मामला दर्ज है। पुलिस अब इस गिरोह के मददगारों और फंडिंग के स्रोतों की तलाश कर रही है। एसपी अमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और कोयला क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र के व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत महसूस की है।  

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