बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर धोखाधड़ी, अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग और फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इन मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी की भी समीक्षा की गई। तस्करी में शामिल व्यक्तियों और गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करने और मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने, सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। डीएम आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले पांच दिनों से सभी प्रकार के मादक पदार्थों, विशेषकर सूखे नशे के विरुद्ध एक व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इस अभियान के तहत 1000 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। मुख्य सचिव ने कहा कि विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। उन्होंने डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त और अवांछित लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने चिन्हित मामलों का सभी दृष्टिकोण से त्वरित अनुसंधान करने का भी निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से सीमा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एसएसबी के अधिकारियों को सीमा पर गश्त और बढ़ाने का निर्देश दिया। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर धोखाधड़ी, अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग और फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इन मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी की भी समीक्षा की गई। तस्करी में शामिल व्यक्तियों और गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करने और मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने, सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। डीएम आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले पांच दिनों से सभी प्रकार के मादक पदार्थों, विशेषकर सूखे नशे के विरुद्ध एक व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इस अभियान के तहत 1000 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। मुख्य सचिव ने कहा कि विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। उन्होंने डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त और अवांछित लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने चिन्हित मामलों का सभी दृष्टिकोण से त्वरित अनुसंधान करने का भी निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से सीमा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एसएसबी के अधिकारियों को सीमा पर गश्त और बढ़ाने का निर्देश दिया।


