5 सेकंड का ये मामूली टेस्ट बचा सकता है आपकी जान! डॉक्टर से जानें कैसे करें Schamroth Window Test

5 सेकंड का ये मामूली टेस्ट बचा सकता है आपकी जान! डॉक्टर से जानें कैसे करें Schamroth Window Test

Schamroth Window Test: कभी-कभी हमारा शरीर बड़ी बीमारी आने से पहले छोटे-छोटे इशारे देता है। हम अक्सर नाखूनों में होने वाले बदलावों को मामूली समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन यही बदलाव आपकी जान बचा सकते हैं। डॉ. कौस्तुभ बोंद्रे ने इंस्टाग्राम पर शामरोथ विंडो टेस्ट (Schamroth’s Window Test) के बारे में जानकारी साझा की है। यह टेस्ट महज 5 सेकंड में बता सकता है कि आपके शरीर के अंदर सब कुछ ठीक है या नहीं।

क्या है Schamroth Window Test?

यह एक बहुत ही सरल फिंगर टेस्ट है जिसे डॉक्टर ‘नेल क्लबिंग’ (Nail Clubbing) की जांच के लिए करते हैं। इसे करने के लिए आपको अपनी दोनों उंगलियों के नाखूनों को एक-दूसरे से सटाकर देखना होता है।

इस टेस्ट की प्रोसेस (Step-by-Step)

यह टेस्ट आप घर बैठे सिर्फ 5 सेकंड में कर सकते हैं। अपने दोनों हाथों की एक ही उंगली (आमतौर पर तर्जनी यानी Index Finger) को चुनें। दोनों उंगलियों के नाखूनों के ऊपरी हिस्सों (Nail beds) को एक-दूसरे की पीठ की तरफ से सटाएं। नाखूनों को सटाने के बाद उनके निचले हिस्से (जहां से नाखून शुरू होता है) के बीच में ध्यान से देखें।

Schamroth Window Test
(Image- gemini)

डायमंड गैप क्या होता है?

जब आप अपने दोनों हाथों के नाखूनों के पीछे वाले हिस्से को जोड़ते हैं, तो उनके बीच एक छोटा सा हीरे जैसा छेद यानी ‘डायमंड गैप’ दिखना चाहिए। अगर यह गैप दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं। लेकिन अगर यह गैप गायब है और नाखूनों के बीच कोई जगह नहीं दिख रही, तो इसे ‘नेल क्लबिंग’ कहा जाता है।

कौनसी बिमारियों के बारे में बताता है ये टेस्ट?

  • फेफड़ों की बीमारी।
  • दिल की समस्याएं।
  • लिवर और पेट की बिमारियां।

Schamroth Window Test के रिजल्ट को कैसे समझें?

अगर नाखूनों के बीच में एक छोटा सा हीरे के आकार का छेद (Diamond-shaped gap) दिखाई देता है, तो इसे शामरोथ विंडो कहते हैं। इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं और ऑक्सीजन का स्तर सही है। अगर दोनों नाखूनों के बीच कोई गैप नहीं दिखता और वे पूरी तरह एक-दूसरे से चिपक जाते हैं, तो इसे शामरोथ विंडो का गायब होना कहा जाता है। यह नेल क्लबिंग का संकेत है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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