मुजफ्फरपुर को मिलेगा एक नया केंद्रीय विद्यालय:मुसहरी में सेंट्रल स्कूल के लिए 5 एकड़ जमीन चिन्हित, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

मुजफ्फरपुर को मिलेगा एक नया केंद्रीय विद्यालय:मुसहरी में सेंट्रल स्कूल के लिए 5 एकड़ जमीन चिन्हित, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

मुजफ्फरपुर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुसहरी पंचायत में केंद्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम सुब्रत कुमार सेन की पहल पर इसके लिए करीब 5 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव आगे भेज दिया गया है। इस निर्णय को जिले के शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अंचलाधिकारी मुसहरी के साथ चयनित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भूमि पर्याप्त है और आवागमन के लिहाज से भी बेहद उपयुक्त है। यह स्थान जिला मुख्यालय के करीब और मुख्य सड़क से सटा हुआ है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को आने-जाने में आसानी होगी। NOC के लिए भेजा गया प्रस्ताव निरीक्षण के बाद डीएम ने आगे की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पशुपालन विभाग से लिया जाएगा। इसके बाद भूमि शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर केंद्रीय विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रस्तावित क्षेत्र उत्क्रमित नगर निगम में शामिल होगा, जिससे यहां शहरी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। क्लास 1 से 12वीं तक की होगी पढ़ाई इस केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई होगी, जिससे छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं पर भी तेजी डीएम ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था के खुलने से जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आएगा और छात्र राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे। जिले में कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से 720 सीटों वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर 10+2 आवासीय विद्यालय मुसहरी, सकरा, मोतीपुर, पारु, कुढ़नी, मुरौल और बोचहा (नरमा) में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा साहेबगंज के जगदीशपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 520 सीटों वाला कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माणाधीन है। वहीं, सिकंदरपुर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की बालिकाओं के लिए 100 सीटों वाला सावित्रीबाई फुले छात्रावास भी तेजी से बनाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुसहरी पंचायत में केंद्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम सुब्रत कुमार सेन की पहल पर इसके लिए करीब 5 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव आगे भेज दिया गया है। इस निर्णय को जिले के शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अंचलाधिकारी मुसहरी के साथ चयनित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भूमि पर्याप्त है और आवागमन के लिहाज से भी बेहद उपयुक्त है। यह स्थान जिला मुख्यालय के करीब और मुख्य सड़क से सटा हुआ है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को आने-जाने में आसानी होगी। NOC के लिए भेजा गया प्रस्ताव निरीक्षण के बाद डीएम ने आगे की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पशुपालन विभाग से लिया जाएगा। इसके बाद भूमि शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर केंद्रीय विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रस्तावित क्षेत्र उत्क्रमित नगर निगम में शामिल होगा, जिससे यहां शहरी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। क्लास 1 से 12वीं तक की होगी पढ़ाई इस केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई होगी, जिससे छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं पर भी तेजी डीएम ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था के खुलने से जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आएगा और छात्र राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे। जिले में कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से 720 सीटों वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर 10+2 आवासीय विद्यालय मुसहरी, सकरा, मोतीपुर, पारु, कुढ़नी, मुरौल और बोचहा (नरमा) में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा साहेबगंज के जगदीशपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 520 सीटों वाला कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माणाधीन है। वहीं, सिकंदरपुर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की बालिकाओं के लिए 100 सीटों वाला सावित्रीबाई फुले छात्रावास भी तेजी से बनाया जा रहा है।  

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