महिला आयोग की अध्यक्ष बोली, पप्पू यादव पर ‘थू’ है:उन्हें मैं हर तरफ से घेरूंगी, 30 तक जवाब नहीं दिया तो मानहानि का होगा मुकदमा

महिला आयोग की अध्यक्ष बोली, पप्पू यादव पर ‘थू’ है:उन्हें मैं हर तरफ से घेरूंगी, 30 तक जवाब नहीं दिया तो मानहानि का होगा मुकदमा

महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के लिए कहा कि उन्होंने मेरे फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। मैं उन्हें सभी तरह से घेरूंगी। उन्हें समझ आ जाएगा कि उन्होंने गलत नंबर डायल कर दिया है। बिना सोचे पप्पू यादव ने मेरे खिलाफ टिप्पणी की है। मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाया है। उनपर 41 केस पहले से हैं एक और जुड़ जाएगा तो उन्हें कोई असर नहीं होगा। वे जहां से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहां मैं जाऊंगी और लोगों से कहूंगी कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है। ऐसे सांसद पर थू है, छी है। पटना में ये बातें अप्सरा ने बुधवार को पीसी में कहीं। इसके अलवा बताया कि पप्पू यादव 30 अप्रैल को सबूत के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। पप्पू यादव पर इतना क्यों भड़की हैं महिला आयोग की अध्यक्ष, सांसद ने ऐसा क्या कहा और दिखाया, पढ़िए रिपोर्ट… महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 90% महिलाओं का पॉलिटिकल करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। इसके साथ ही मंगलवार को सांसद ने फेसबुक लाइव आकर कहा कि 99% बाबा लड़कियों का शोषण करते हैं। इतना ही नहीं सांसद संजय झा के साथ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि इस तरह से पॉलिटिकल ग्रोथ होता है। पीसी में महिला आयोग अध्यक्ष ने और क्या कहा… मेरे उपर कभी कलंक नहीं लगा अप्सरा ने कहा कि पप्पू यादव सांसद हैं तो मैं पूर्णिया की बेटी हूं। उन्होंने क्या सोचकर मेरे फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। फोटो दिखा वो कह रहे हैं कि मैं जानता हूं कि ये लोग कैसे आगे बढ़ीं। अप्सरा ने कहा कि मेरा बैग्राउंड देख सकते हैं। मेरे परिवार में किसी ने राजनीति नहीं की। उस जमाने में महिला घर से निकलती नहीं थी, मैं निकली और आगे बढ़ी। कभी कलंक नहीं लगा। मेरे काम का फल है कि मुझे महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। नोटिस का जबाव देने की जगह आयोग को चुनौती दे रहे अध्यक्ष ने कहा कि नोटिस में कहा गया कि इस बयान से न केवल महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है, बल्कि आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा भी प्रभावित हुई है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नोटिस का जवाब देने के बजाय पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक) पर आयोग की कार्रवाई को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आयोग के नोटिस को “कचरे में फेंकते हैं” और आयोग की शक्तियों पर भी सवाल उठाए। इस तरह का व्यवहार एक जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
यह मानसिक दिवालियापन या कुंठित राजनीति अप्सरा ने कहा कि पप्पू यादव का यह आचरण “मानसिक दिवालियापन या कुंठित राजनीति” को दर्शाता है। जिस महिला पर टिप्पणी की जा रही है, वह उनके ही संसदीय क्षेत्र की बेटी है और लंबे समय से सामाजिक-राजनीतिक जीवन में सक्रिय रही है। उन्होंने बताया कि 1997-98 से छात्र राजनीति से जुड़कर मैंने सामाजिक बदलाव की लड़ाई लड़ी है और विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। साथ ही यह भी कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी, ताकि मैं बिहार की महिलाओं के मान-सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा कर सकूं। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के लिए कहा कि उन्होंने मेरे फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। मैं उन्हें सभी तरह से घेरूंगी। उन्हें समझ आ जाएगा कि उन्होंने गलत नंबर डायल कर दिया है। बिना सोचे पप्पू यादव ने मेरे खिलाफ टिप्पणी की है। मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाया है। उनपर 41 केस पहले से हैं एक और जुड़ जाएगा तो उन्हें कोई असर नहीं होगा। वे जहां से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहां मैं जाऊंगी और लोगों से कहूंगी कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है। ऐसे सांसद पर थू है, छी है। पटना में ये बातें अप्सरा ने बुधवार को पीसी में कहीं। इसके अलवा बताया कि पप्पू यादव 30 अप्रैल को सबूत के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। पप्पू यादव पर इतना क्यों भड़की हैं महिला आयोग की अध्यक्ष, सांसद ने ऐसा क्या कहा और दिखाया, पढ़िए रिपोर्ट… महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 90% महिलाओं का पॉलिटिकल करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। इसके साथ ही मंगलवार को सांसद ने फेसबुक लाइव आकर कहा कि 99% बाबा लड़कियों का शोषण करते हैं। इतना ही नहीं सांसद संजय झा के साथ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि इस तरह से पॉलिटिकल ग्रोथ होता है। पीसी में महिला आयोग अध्यक्ष ने और क्या कहा… मेरे उपर कभी कलंक नहीं लगा अप्सरा ने कहा कि पप्पू यादव सांसद हैं तो मैं पूर्णिया की बेटी हूं। उन्होंने क्या सोचकर मेरे फोटो का गलत इस्तेमाल किया है। फोटो दिखा वो कह रहे हैं कि मैं जानता हूं कि ये लोग कैसे आगे बढ़ीं। अप्सरा ने कहा कि मेरा बैग्राउंड देख सकते हैं। मेरे परिवार में किसी ने राजनीति नहीं की। उस जमाने में महिला घर से निकलती नहीं थी, मैं निकली और आगे बढ़ी। कभी कलंक नहीं लगा। मेरे काम का फल है कि मुझे महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। नोटिस का जबाव देने की जगह आयोग को चुनौती दे रहे अध्यक्ष ने कहा कि नोटिस में कहा गया कि इस बयान से न केवल महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है, बल्कि आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा भी प्रभावित हुई है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नोटिस का जवाब देने के बजाय पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक) पर आयोग की कार्रवाई को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आयोग के नोटिस को “कचरे में फेंकते हैं” और आयोग की शक्तियों पर भी सवाल उठाए। इस तरह का व्यवहार एक जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
यह मानसिक दिवालियापन या कुंठित राजनीति अप्सरा ने कहा कि पप्पू यादव का यह आचरण “मानसिक दिवालियापन या कुंठित राजनीति” को दर्शाता है। जिस महिला पर टिप्पणी की जा रही है, वह उनके ही संसदीय क्षेत्र की बेटी है और लंबे समय से सामाजिक-राजनीतिक जीवन में सक्रिय रही है। उन्होंने बताया कि 1997-98 से छात्र राजनीति से जुड़कर मैंने सामाजिक बदलाव की लड़ाई लड़ी है और विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। साथ ही यह भी कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी, ताकि मैं बिहार की महिलाओं के मान-सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा कर सकूं।  

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