जमुई सांसद अरुण भारती (लोजपा रामविलास) ने दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने सांसद पप्पू यादव के महिलाओं को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान पर भी आपत्ति जताई। भारती ने पप्पू यादव के बयान को लेकर कहा कि उनका पूर्व का इतिहास देखते हुए ऐसे बयान की उम्मीद करना आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने महिला आयोग द्वारा इस मामले का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी करने को सही कदम बताया। भारती ने मांग की कि पप्पू यादव या तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या आयोग के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति अपनी छवि बदलने का कितना भी प्रयास करे, उसका अतीत समय-समय पर सामने आ ही जाता है। आपत्तिजनक बयान किसी भी बड़े नेता को शोभा नहीं देते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण भारती ने कहा कि खड़गे एक वरिष्ठ और गंभीर नेता हैं। उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। भारती के अनुसार, ऐसे आपत्तिजनक बयान किसी भी बड़े नेता को शोभा नहीं देते और इससे उनकी ही छवि प्रभावित होती है। तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए सांसद भारती ने इसे एक सामान्य भेंट बताया। उन्होंने कहा कि यह दो मित्रों की मुलाकात हो सकती है और फिलहाल इससे किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार के बिहार को ‘दिवालिया’ बताए जाने वाले बयान पर अरुण भारती ने असहमति व्यक्त की। आधी आबादी को उनका हक देना बेहद जरूरी
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केंद्र के साथ मिलकर लगातार विकास के लिए काम कर रही है और आने वाले समय में निवेश तथा विकास के नए आयाम देखने को मिलेंगे। भारती ने जोर दिया कि इस तरह के बयान राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पहले समर्थन देने के बाद कांग्रेस और राजद ने पीछे हटकर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को उनका हक देना बेहद जरूरी है और इसके लिए आंदोलन भी जारी रहेगा। जमुई सांसद अरुण भारती (लोजपा रामविलास) ने दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने सांसद पप्पू यादव के महिलाओं को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान पर भी आपत्ति जताई। भारती ने पप्पू यादव के बयान को लेकर कहा कि उनका पूर्व का इतिहास देखते हुए ऐसे बयान की उम्मीद करना आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने महिला आयोग द्वारा इस मामले का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी करने को सही कदम बताया। भारती ने मांग की कि पप्पू यादव या तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या आयोग के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति अपनी छवि बदलने का कितना भी प्रयास करे, उसका अतीत समय-समय पर सामने आ ही जाता है। आपत्तिजनक बयान किसी भी बड़े नेता को शोभा नहीं देते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण भारती ने कहा कि खड़गे एक वरिष्ठ और गंभीर नेता हैं। उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। भारती के अनुसार, ऐसे आपत्तिजनक बयान किसी भी बड़े नेता को शोभा नहीं देते और इससे उनकी ही छवि प्रभावित होती है। तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए सांसद भारती ने इसे एक सामान्य भेंट बताया। उन्होंने कहा कि यह दो मित्रों की मुलाकात हो सकती है और फिलहाल इससे किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार के बिहार को ‘दिवालिया’ बताए जाने वाले बयान पर अरुण भारती ने असहमति व्यक्त की। आधी आबादी को उनका हक देना बेहद जरूरी
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केंद्र के साथ मिलकर लगातार विकास के लिए काम कर रही है और आने वाले समय में निवेश तथा विकास के नए आयाम देखने को मिलेंगे। भारती ने जोर दिया कि इस तरह के बयान राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पहले समर्थन देने के बाद कांग्रेस और राजद ने पीछे हटकर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को उनका हक देना बेहद जरूरी है और इसके लिए आंदोलन भी जारी रहेगा।


