महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के समर्थन में बारामती में बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास में दिवंगत नेता अजित पवार के योगदान को याद कर उनकी तारीफ की और कहा कि वह अगले दो दशकों तक अजित दादा के साथ काम करना चाहते थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अजित पवार का असामयिक निधन न केवल उनके परिवार, उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।
सुनेत्रा पवार की चुनाव प्रचार की अंतिम रैली मंगलवार को बारामती शहर में हुई। इस रैली को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा, “मुझे अजित दादा के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिला। हम कई वर्षों तक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे, लेकिन हमारा व्यक्तिगत संबंध मजबूत था। आखिरकार इसी अटूट संबंध ने हमें एक साथ लाया।“
उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास था कि कम से कम अगले 15 से 20 वर्षों तक अजित पवार, एकनाथ शिंदे और मैं साथ मिलकर काम करेंगे। उनके साथ काम करना एक अनूठा अनुभव था, वह एक मुखर नेता थे।“
हम चैन से नहीं बैठेंगे- फडणवीस
इस दौरान सीएम फडणवीस ने कहा कि जिस विमान हादसे में अजित पवार की जान गई, उसके पीछे की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। मैंने विधानसभा में भी यही कहा था और आज फिर से दोहराता हूं कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आ जाती, हममें से कोई भी चुप नहीं बैठेगा। सच्चाई सामने आने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
सुनेत्रा को वोट देना अजित पवार को श्रद्धांजलि देने जैसा- फडणवीस
फडणवीस ने कहा कि सुनेत्रा पवार को वोट देना अजित पवार को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। उन्होंने कहा, सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की कोई वास्तविक पहचान नहीं है। वह सब सिर्फ प्रचार के लिए बारामती में चुनाव लड़ रहे हैं।
सुनेत्रा के सामने 22 उम्मीदवार
बता दें कि सुनेत्रा पवार 23 अप्रैल को होने वाला बारामती विधानसभा उपचुनाव महायुति प्रत्याशी के तौर पर लड़ रही हैं। हालांकि उन्हें विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी का समर्थन भी हासिल है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा सहित कुल 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में निधन के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। दिवंगत नेता ने विधानसभा में 8 बार बारामती का प्रतिनिधित्व किया था।


