पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मद्देनजर सीमावर्ती जिला किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने जिले की अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष चौकसी बरतते हुए कुल 10 मिरर चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेकपोस्टों पर आने-जाने वाले सभी वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी के लिए 39 स्थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सभी चेकपोस्टों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी मौजूद रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल की ओर जाने वाले वाहनों की विशेष रूप से तलाशी ली जा रही है, ताकि अवैध नकदी, शराब या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। सुबह 6 बजे से तलाशी अभियान शुरू प्रशासन की ओर से सुबह 6 बजे से ही विशेष तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इस दौरान दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ बसों और मालवाहक वाहनों की भी जांच की जा रही है। चेकपोस्टों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका जा रहा है, उनके दस्तावेजों की जांच हो रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है। इसे देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने सीमा से सटे गांवों में भी गश्त बढ़ा दी है। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके। लोगों से सहयोग करने की अपील प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जांच के दौरान वाहन चालकों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने चाहिए और सुरक्षा जांच में सहयोग करना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव समाप्त होने तक सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी जारी रहेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मद्देनजर सीमावर्ती जिला किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने जिले की अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष चौकसी बरतते हुए कुल 10 मिरर चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेकपोस्टों पर आने-जाने वाले सभी वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी के लिए 39 स्थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सभी चेकपोस्टों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी मौजूद रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल की ओर जाने वाले वाहनों की विशेष रूप से तलाशी ली जा रही है, ताकि अवैध नकदी, शराब या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। सुबह 6 बजे से तलाशी अभियान शुरू प्रशासन की ओर से सुबह 6 बजे से ही विशेष तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इस दौरान दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ बसों और मालवाहक वाहनों की भी जांच की जा रही है। चेकपोस्टों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका जा रहा है, उनके दस्तावेजों की जांच हो रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है। इसे देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने सीमा से सटे गांवों में भी गश्त बढ़ा दी है। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके। लोगों से सहयोग करने की अपील प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जांच के दौरान वाहन चालकों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने चाहिए और सुरक्षा जांच में सहयोग करना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव समाप्त होने तक सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी जारी रहेगी।


