श्रीयादे माता मंदिर सूरजपोल की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर मंगलवार दोपहर को गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें शामिल 101 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रहे थी। हाथी और घोड़े पर बैठे यजमान कलश यात्रा की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। शहर के सूरजपोल स्थित श्रीयादे माता मंदिर से रवाना हुई कलश यात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए इंद्रा कॉलोनी स्थित प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंच सम्पन्न हुई। 22 अप्रेल की सुबह सवा चार बजे शुभ मुर्हूत में 21 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। इससे पहले सुबह वर-वधु पक्ष के लोग इंद्रा कॉलोनी प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंची। जहां उनका आयोजकों की ओर से स्वागत किया गया। उसके बाद दोपहर को सूरजपोल श्रीयादे माता मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई जो इंद्रा कॉलोनी स्थित प्रजापति समाज के छात्रावास पहुंच सम्पन्न हुई। शाम को इंद्रा कॉलोनी के निकट हाईवे के पास स्थित एक टाउनशिप के ग्राउंड में भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीयादे माता की स्तुति में भजन गायकों ने भजन पेश किए। 22 अप्रेल की सुबह माताजी की हवन और महाआरती का आयोजन सूरजपोल स्थित श्रीयादे माता मंदिर में होगा। उसके बाद सम्मान समारोह और महाप्रसादी का आयोजन इंद्रा कॉलोनी के निकट हाईवे किनारे स्थित टाउनशिप में आयोजित किया जाएगा।
मुकेश विजयराज हाटवा ने बताया कि अध्यक्ष भंवरलाल चंदवाड़ीया, मदनलाल कपुपरा गुंदोज, फतेहराज नगरिया, हरिराम चंदवाड़ीया, सोनाराम रेडवाल, अशोक, दुर्गेश बेड़ा, किशन हाटवा, मोहन कपुपरा, ओमप्रकाश कुण्डलवाल, राजूराम, रामचन्द्र आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे।


