अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू, पारदर्शी और पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने लगातार सख्त कदम उठाए हैं। जिले में फिलहाल कुल 10,786 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसी भी तरह की कमी आने की आशंका नहीं है। जिला प्रशासन ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर पंचायत में पंचायत सरकार भवन और पंचायत भवनों में अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में भी नगर पंचायत और नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर आसानी से और बिना किसी परेशानी के मिल सकेंगे। जिले की 6 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई इसी क्रम में, जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर नकेल कसने के लिए बड़ी कार्रवाई की। जिले की 6 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। प्रशासन का साफ संदेश है कि कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक जिला नियंत्रण कक्ष को कुल 503 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 420 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। बाकी बचे 83 लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सुनिश्चित कर दी गई जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत होने पर तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। साथ ही, अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने की सलाह दी गई है। तेल एवं प्राकृतिक गैस की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि किसी की शादी-ब्याह की तैयारी प्रभावित न हो। जिला प्रशासन का यह सतत प्रयास जिले के हर उपभोक्ता को राहत पहुंचाने वाला है। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या जिला नियंत्रण कक्ष में सूचना देने का आग्रह किया गया है, प्रशासन हर शिकायत का समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू, पारदर्शी और पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने लगातार सख्त कदम उठाए हैं। जिले में फिलहाल कुल 10,786 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसी भी तरह की कमी आने की आशंका नहीं है। जिला प्रशासन ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर पंचायत में पंचायत सरकार भवन और पंचायत भवनों में अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में भी नगर पंचायत और नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर आसानी से और बिना किसी परेशानी के मिल सकेंगे। जिले की 6 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई इसी क्रम में, जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर नकेल कसने के लिए बड़ी कार्रवाई की। जिले की 6 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। प्रशासन का साफ संदेश है कि कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक जिला नियंत्रण कक्ष को कुल 503 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 420 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। बाकी बचे 83 लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सुनिश्चित कर दी गई जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत होने पर तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। साथ ही, अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने की सलाह दी गई है। तेल एवं प्राकृतिक गैस की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि किसी की शादी-ब्याह की तैयारी प्रभावित न हो। जिला प्रशासन का यह सतत प्रयास जिले के हर उपभोक्ता को राहत पहुंचाने वाला है। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या जिला नियंत्रण कक्ष में सूचना देने का आग्रह किया गया है, प्रशासन हर शिकायत का समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


