पटना जिले के मरांची थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम पुलिस ने हत्या के प्रयास का एक नामजद अभियुक्त और पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहा एक कुख्यात डकैत गिरफ्तार किया है। पहली गिरफ्तारी मरांची थाना कांड संख्या-17/26 के प्राथमिक अभियुक्त सुंडा निषाद की हुई। सीतापुर गांव निवासी सुंडा निषाद, स्वर्गीय शिवन निषाद का पुत्र है। उस पर मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे, और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुंडा निषाद को गिरफ्तार किया। दूसरी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी कुर्की वारंटी संजीत सिंह की हुई है। मालपुर गांव निवासी संजीत सिंह, स्वर्गीय गरीब सिंह का पुत्र है। वह पटना के बेऊर थाना कांड संख्या-2009 के तहत अपहरण, डकैती और हत्या जैसे संगीन मामलों में वांछित था। संजीत सिंह पिछले डेढ़ दशक से कानून की गिरफ्त से बच रहा था। मरांची पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल कायम रखा जा सके। पटना जिले के मरांची थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम पुलिस ने हत्या के प्रयास का एक नामजद अभियुक्त और पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहा एक कुख्यात डकैत गिरफ्तार किया है। पहली गिरफ्तारी मरांची थाना कांड संख्या-17/26 के प्राथमिक अभियुक्त सुंडा निषाद की हुई। सीतापुर गांव निवासी सुंडा निषाद, स्वर्गीय शिवन निषाद का पुत्र है। उस पर मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे, और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुंडा निषाद को गिरफ्तार किया। दूसरी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी कुर्की वारंटी संजीत सिंह की हुई है। मालपुर गांव निवासी संजीत सिंह, स्वर्गीय गरीब सिंह का पुत्र है। वह पटना के बेऊर थाना कांड संख्या-2009 के तहत अपहरण, डकैती और हत्या जैसे संगीन मामलों में वांछित था। संजीत सिंह पिछले डेढ़ दशक से कानून की गिरफ्त से बच रहा था। मरांची पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल कायम रखा जा सके।


