Ganga Expressway inaugurated on 29 April : उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम हरदोई जनपद की बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर (चैनेज 351 किमी) पर आयोजित होगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और इसे प्रदेश के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
स्थलीय निरीक्षण में तैयारियों की समीक्षा
कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दीपक कुमार, औद्योगिक विकास आयुक्त एवं सीईओ, यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) ने 19 अप्रैल को स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं,जैसे यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए हर व्यवस्था समयबद्ध और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
एक लाख लोगों के जुटने की संभावना
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस भव्य लोकार्पण समारोह में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर मंच, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जा रहे हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा पार्किंग के लिए भी विस्तृत स्थान चिन्हित किए गए हैं।

सुरक्षा और ट्रैफिक पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाई जा रही है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गंगा एक्सप्रेस वे: विकास की नई धुरी
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट है, जो मेरठ से लेकर प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा है। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेस वे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ आधुनिक परिवहन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह एक्सप्रेस वे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और परिवहन अधिक सुविधाजनक बनेगा।
12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सीधे तौर पर जुड़ेंगे। इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, कृषि उत्पादों के परिवहन में भी तेजी आएगी, जिससे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
सूत्रों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन भी मजबूत होगी। इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि इससे विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
प्रशासनिक टीम पूरी तरह सक्रिय
कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान मंडलायुक्त लखनऊ, एडीजी ज़ोन, एडीजी ट्रैफिक, जिलाधिकारी हरदोई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, हरिप्रताप शाही (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा) और संजय कुमार सिंह (वित्त नियंत्रक, यूपीडा) भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा एक्सप्रेस वे
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक दूरी को भी कम करेगी।


