अहमदाबाद. गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने भावनगर रीजन के डिप्टी रीजनल फायर ऑफिसर महेश कुमार पटेल एवं बिचौलिए प्रकाश चौहान को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते सोमवार को रंगेहाथों पकड़ा।
एसीबी के अनुसार टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। एसीबी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक व्यक्ति ने शिकायत की जिसमें बताया गया कि भावनगर जिले की अलग-अलग तहसीलों में सरकारी स्कूलों की इमारतों में फायर सेफ्टी से जुड़े उपकरण इंस्टोल करने का सब ठेका मिला है। वह 79 सरकारी स्कूलों में फायर सेफ्टी के उपकरण इंस्टोल कर रहे थे। यह काम पूरा होने के बाद उन्होंने डिप्टी रीजनल फायर ऑफिसर के पास से फायर सेफ्टी प्लान की मंजूरी व फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट एप्रूवल पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
आरोप है कि मंजूर हुए आवेदन और मंजूर होने के लिए बाकी आवेदनों के लिए डिप्टी रीजनल फायर ऑफिसर ने उनके पास से पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी। यह राशि उन्होंने बिचौलिए के जरिए उन तक पहुंचाने के लिए कहा। उस समय 50 हजार रुपए बिचौलिए के जरिए स्वीकारे थे। बकाया 4.50 लाख रुपए देने के लिए कहा था। इस बीच शिकायतकर्ता के पास दो लाख रुपए की व्यवस्था हुई जिससे उन्होंने आरोपी से संपर्क किया था। लेकिन बाद में वह रिश्वत नहीं देना चाहते थे, जिससे उन्होंने एसीबी से इसकी शिकायत कर दी।शिकायत के आधार पर आणंद एसीबी की टीम आर.एन.विराणी एवं उनकी टीम ने भावनगर में सर टी हॉस्पिटल के गेट नंबर दो के पास जाल बिछाया। इस दौरान बिचौलिया प्रकाश चौहान शिकायतकर्ता के पास आया। उसने रिश्वत के संबंध में बातचीत की और रिश्वत के दो लाख रुपए शिकायतकर्ता के पास से स्वीकार कर लिए। जिससे एसीबी की टीम ने उसे मौके से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी डिप्टी रीजनल फायर ऑफिसर महेश कुमार को एसीबी टीम ने उनके कार्यालय से पकड़ लिया। इस संबंध में दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।


