रामपुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। बीते शनिवार रात मेडिकल वार्ड में भर्ती चंद्रवती नामक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। सांस लेने में दिक्कत के कारण उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वार्ड में मौजूद स्टाफ ने लापरवाही बरती और समय पर उचित उपचार नहीं दिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि ड्यूटी के दौरान स्टाफ अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त था। मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बी.सी. सक्सेना ने स्टाफ नर्स सरोज कुमारी, स्टाफ नर्स अमित कुमार और वार्ड बॉय राहुल वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि घटना के समय तीनों कर्मचारी ड्यूटी पर थे, इसलिए उन्हें आरोपों के संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण देना होगा। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतका के परिजनों के आरोपों से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी। फिलहाल, मृतका के परिजनों ने पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। हालांकि, सोशल मीडिया पर मृतका के परिजनों से बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने यह कदम उठाया है।


