इंदौर में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस:रीना बोरासी बोलीं-कांग्रेस शुरू से महिला सशक्तिकरण की पक्षधर, सरकार 2029 से लागू करे 33% आरक्षण

इंदौर में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस:रीना बोरासी बोलीं-कांग्रेस शुरू से महिला सशक्तिकरण की पक्षधर, सरकार 2029 से लागू करे 33% आरक्षण

मोदी सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के माध्यम से सत्ता पर एकाधिकार जमाने की जो साजिश रची थी। इंडिया गठबंधन (विपक्ष) की एकजुटता ने उसे विफल कर दिया है। संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर हुए मतदान ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। यह बात मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने सोमवार को इंदौर में मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संसद में मिली जीत का स्वागत करती है और कांग्रेस 2029 से ही 33% आरक्षण लागू करने की मांग करती है। कांग्रेस महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रीना बोरासी ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं के साथ एक सुनियोजित राजनीतिक छल करने का प्रयास किया गया है, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने संसद में विफल कर दिया। कांग्रेस शुरू से ही महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है और राहुल गांधी के स्पष्ट नेतृत्व में यह मांग लगातार उठाई जाती रही है कि महिलाओं को उनका अधिकार बिना किसी शर्त और देरी के मिलना चाहिए। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना जैसी प्रक्रियाओं से जोड़कर इसे लागू करने में अनावश्यक बाधाएं खड़ी की हैं। यह पूरा प्रयास महिलाओं को अधिकार देने के बजाय चुनावी गणित को साधने और सत्ता पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि बिना जातिगत जनगणना के परिसीमन कराना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे विशेष रूप से पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकार प्रभावित होंगे। यदि सरकार की नीयत साफ है तो वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही 33% महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है। इसके लिए किसी भी प्रकार के परिसीमन या जनगणना का इंतजार करना केवल एक बहाना है। ओबीसी वर्ग की महिलाओं की समुचित भागीदारी हो महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस न केवल महिला आरक्षण के पक्ष में है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि इसमें ओबीसी वर्ग की महिलाओं की समुचित भागीदारी हो। आज देश की महिलाएं जागरूक हैं और वे केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होंगी। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे और महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में 100% एकजुट है। हमने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन किया था और आज भी हमारी मांग स्पष्ट है महिलाओं को उनका हक तुरंत मिलना चाहिए। परिसीमन की साजिश कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि मोदी सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को ‘परिसीमन’ और ‘जनगणना’ की उलझनों में फंसाया है। सरकार की मंशा महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि परिसीमन के बहाने बिना जातिगत जनगणना के मनमाने तरीके से चुनावी गणित को अपने पक्ष में मोड़ना था। सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ मिलाकर संविधान के ढांचे को बदलने और सारी एग्जीक्यूटिव पावर अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और देश की अखंडता पर हमला था।

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