भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सर्वसमावेशी लोकतंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के प्रयासों पर जोर दिया। चौधरी ने बताया कि इसका प्रमाण केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां लगभग 40 प्रतिशत मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसी समावेशी सोच के तहत, उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी, माताओं और बहनों को नीति निर्धारण में उनका अधिकार देने के उद्देश्य से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक प्रस्तुत किया था। हालांकि, चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी एलायंस के अन्य सहयोगी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जिससे उनकी वास्तविक मंशा उजागर हो गई। उन्होंने कहा कि ये दल महिला आरक्षण का समर्थन करने का केवल ढोंग करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों पर महिला विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। चौधरी ने कहा कि ये दल भली-भांति जानते हैं कि जब घर की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका परिवारवाद और वंशवाद स्वतः कमजोर हो जाएगा। चौधरी ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए इन दलों ने लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं का बहाना बनाकर शेष 80 प्रतिशत महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और भाजपा सदैव संविधान की मर्यादा का पालन करती है। उन्होंने मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता पर जोर दिया। चौधरी ने बताया कि गृह मंत्री द्वारा सदन के पटल पर पूरे देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की गारंटी देना इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए संकल्पित है। चौधरी ने इंडी एलायंस को “एंटी-वूमेन एलायंस” बताते हुए कहा कि यह गठबंधन रूढ़िवादी सोच से ग्रसित है और चाहता है कि महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहें। उन्होंने कहा कि इन दलों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने, टोकने, अटकाने और भटकाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश का विकास बिना आधी आबादी के सशक्तिकरण के संभव नहीं है और देश की नारी शक्ति ऐसे महिला विरोधी गठबंधन को कभी माफ नहीं करेगी। चौधरी ने चेतावनी दी कि विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 के लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा। चौधरी ने याद दिलाया कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इस देश में गरीब, महिला, युवा एवं किसान के रूप में सिर्फ चार जातियां हैं। मोदी सरकार ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के जरिए लिंगानुपात सुधारा और बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया। महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाईं उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, मातृ वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, शौचालय, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन योजना, एक जिला-एक उत्पाद और स्टार्ट-अप सहित कई योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाईं या उन्हें विशेष वरीयता दी। उत्तर प्रदेश में नौ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से 44 हजार तक पहुंचाई गई। चौधरी ने बताया कि आज संसद में 75 महिलाएं हैं, जो कुल सांसदों का 15 प्रतिशत है। मोदी सरकार इस विधेयक के माध्यम से इसे 33 प्रतिशत से आगे ले जाना चाहती थी। उन्होंने अंत में कहा कि महिलाएं विरोधी दलों के इस “पाप” को सबके सामने लाएंगी।


