बेगूसराय में बनेगा नया कोर्ट कैंपस:हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने की बैठक, गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश

बेगूसराय में बनेगा नया कोर्ट कैंपस:हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने की बैठक, गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश

पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही केस प्रबंधन प्रणाली का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने न्यायिक कार्यों में तेजी लाने और वादियों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला अतिथि गृह में बेगूसराय न्याय मंडल के न्यायिक पदाधिकारियों के साथ रविवार देर शाम बैठक हुई। गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, समन एवं अन्य प्रक्रियाओं की त्वरित तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे अनावश्यक स्थगन से बचा जा सके। साथ ही बेगूसराय में नए कोर्ट परिसर के लिए 10 एकड़ जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे साथ ही न्यायिक पदाधिकारियों के लिए बन रहे आवास को भी जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत पांडेय, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय), जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डीएम श्रीकांत शास्त्री, एसपी मनीष सहित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव, लोक अभियोजक एवं सरकारी अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके आवासीय परिसरों एवं न्यायालय परिसर में समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी को बम की धमकियों से निपटने के लिए नियमित मॉक ड्रिल, प्रवेश व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश इसके साथ ही न्याय पालिका एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया। जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने एसिड अटैक पीड़ितों को निर्धारित नियमों एवं योजनाओं के तहत समय पर मुआवजा देने पर भी बल दिया। सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी विलंब के कारण वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में Vulnerable Witness Deposition Centre स्थापित किए जा चुके हैं और उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। आधारभूत संरचना के विकास के संबंध में मुख्य न्यायाधीश ने आधुनिक न्यायालय कक्ष, न्यायिक पदाधिकारियों के लिए पर्याप्त कक्ष, ई-कोर्ट, अभिलेखागार कक्ष तथा वादियों के लिए अनुकूल सुविधा विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से आवश्यकताओं की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। बार एसोसिएशन में ई-लाइब्रेरी बनेगा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुगम (barrier-free) पहुंच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बार एसोसिएशन की ओर से उठाए गए पुस्तकालय उन्नयन, चेंबर आवंटन एवं ई-फाइलिंग सुविधा पर मुख्य न्यायाधीश ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। दोनों बार एसोसिएशन में जल्दी ई-लाइब्रेरी बनाने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से लोक अदालत एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निवारण (ADR) तंत्र में सक्रिय सहयोग की अपील की। जिससे लंबित मामलों का शीघ्र एवं सुलभ निपटान सुनिश्चित हो सके। आगामी 9 मई को आयोजित होने वाले लोक अदालत में अधिकतम मामलों की पहचान कर उनके निपटारे का भी आह्वान किया। डीएम ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश के दूरदर्शी नेतृत्व, व्यावहारिक निर्देशों एवं संवेदनशील दृष्टिकोण की बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने सराहना की। उनके द्वारा न्याय में तेजी, संस्थागत सुरक्षा, पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा न्यायपालिका, प्रशासन एवं बार के बीच समन्वय पर दिए गए बल से बेगूसराय के विधिक समुदाय में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ है। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही केस प्रबंधन प्रणाली का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने न्यायिक कार्यों में तेजी लाने और वादियों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला अतिथि गृह में बेगूसराय न्याय मंडल के न्यायिक पदाधिकारियों के साथ रविवार देर शाम बैठक हुई। गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, समन एवं अन्य प्रक्रियाओं की त्वरित तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे अनावश्यक स्थगन से बचा जा सके। साथ ही बेगूसराय में नए कोर्ट परिसर के लिए 10 एकड़ जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे साथ ही न्यायिक पदाधिकारियों के लिए बन रहे आवास को भी जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत पांडेय, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय), जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डीएम श्रीकांत शास्त्री, एसपी मनीष सहित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव, लोक अभियोजक एवं सरकारी अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके आवासीय परिसरों एवं न्यायालय परिसर में समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी को बम की धमकियों से निपटने के लिए नियमित मॉक ड्रिल, प्रवेश व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश इसके साथ ही न्याय पालिका एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया। जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने एसिड अटैक पीड़ितों को निर्धारित नियमों एवं योजनाओं के तहत समय पर मुआवजा देने पर भी बल दिया। सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी विलंब के कारण वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में Vulnerable Witness Deposition Centre स्थापित किए जा चुके हैं और उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। आधारभूत संरचना के विकास के संबंध में मुख्य न्यायाधीश ने आधुनिक न्यायालय कक्ष, न्यायिक पदाधिकारियों के लिए पर्याप्त कक्ष, ई-कोर्ट, अभिलेखागार कक्ष तथा वादियों के लिए अनुकूल सुविधा विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से आवश्यकताओं की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। बार एसोसिएशन में ई-लाइब्रेरी बनेगा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुगम (barrier-free) पहुंच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बार एसोसिएशन की ओर से उठाए गए पुस्तकालय उन्नयन, चेंबर आवंटन एवं ई-फाइलिंग सुविधा पर मुख्य न्यायाधीश ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। दोनों बार एसोसिएशन में जल्दी ई-लाइब्रेरी बनाने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से लोक अदालत एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निवारण (ADR) तंत्र में सक्रिय सहयोग की अपील की। जिससे लंबित मामलों का शीघ्र एवं सुलभ निपटान सुनिश्चित हो सके। आगामी 9 मई को आयोजित होने वाले लोक अदालत में अधिकतम मामलों की पहचान कर उनके निपटारे का भी आह्वान किया। डीएम ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश के दूरदर्शी नेतृत्व, व्यावहारिक निर्देशों एवं संवेदनशील दृष्टिकोण की बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने सराहना की। उनके द्वारा न्याय में तेजी, संस्थागत सुरक्षा, पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा न्यायपालिका, प्रशासन एवं बार के बीच समन्वय पर दिए गए बल से बेगूसराय के विधिक समुदाय में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *