सामान्य कोलेस्ट्रॉल में भी आ सकता है हार्ट अटैक, तुरंत पहचान लें खतरे के ये संकेत

सामान्य कोलेस्ट्रॉल में भी आ सकता है हार्ट अटैक, तुरंत पहचान लें खतरे के ये संकेत

Heart Attack- हार्ट से जुड़ी जांच कराने आ रहे मरीजों की रिपोर्ट चौंकाने वाला ट्रेंड दिखा रही है। कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों में ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ (एचडीएल) कम और ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ (एलडीएल) अधिक पाया है, जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब केवल टोटल कोलेस्ट्रॉल देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रकारों का संतुलन महत्वपूर्ण हो गया है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एमवायएच में हर महीने करीब 3000 मरीज हार्ट जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 35 से 40 प्रतिशत मरीजों का कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य पाया गया, लेकिन उनमें से करीब 70 प्रतिशत में में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक मिला। बैड कोलेस्ट्रॉल के कारण ब्लॉकेज पैदा होते हैं। इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

पारिवारिक (जेनेटिक) कारण युवा भी बन रहे शिकार

पहले यह समस्या उम्रदराज लोगों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब 30- 40 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। जंक फूड, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और अनियमित दिनचर्या इसके बड़े कारण बन रहे हैं।

गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल का अंतर समझें

गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल): धमनियों में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल): धमनियों में जमकर ब्लॉकेज पैदा करता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

सिर्फ टोटल कोलेस्ट्रॉल देखना खतरनाक

डॉक्टर्स बताते हैं कि आम धारणा के विपरीत, केवल कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य होना दिल की सुरक्षा की गारंटी नहीं है। अगर एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) ज्यादा और एचडीएल (गुड कोलेस्ट्रॉल) कम है, तो धमनियों में प्लाक जमने लगता है, जिससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

खतरे के संकेत पहचानें

सीने में दर्द या भारीपन
सांस फूलना
जल्दी थकान चक्कर आना
गर्दन, हाथ या जबड़े में दर्द

बचाव के उपाय

नियमित रूप से लिपिड प्रोफाइल जांच कराएं
हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज बढ़ाएं
तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या वॉक
धूम्रपान और शराब से दूरी
वजन संतुलित रखें

एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के लक्ष्य स्तर
सामान्य व्यक्ति: 100-125
हाई बीपी मरीज: 100 से कम
डायबिटीज/बीपी: 70 से कम
आनुवांशिक जोखिम: 50 से कम
हार्ट ऑपरेशन के बाद: 50 से कम

क्यों बढ़ रहा बैड कोलेस्ट्रॉल

तला-भुना और जंक फूड
शारीरिक गतिविधि की कमी
धूम्रपान और शराब
मोटापा और डायबिटीज
तनाव और अनियमित दिनचर्या
पारिवारिक (जेनेटिक) कारण

एक्सपर्ट व्यू –

एमवायएच के कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. एडी भटनागर बताते हैं कि आज बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनका कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य है, लेकिन एलडीएल ज्यादा और एचडीएल कम है। 100 में से लगभग 70 मरीजों में यह समस्या दिख रही है। जोखिम व्यक्ति की उम्र और अन्य बीमारियों पर निर्भर करता है। डायबिटीज या हाई बीपी के मरीजों में एलडीएल 70 से नीचे रहना चाहिए, जबकि हार्ट अटैक या सर्जरी के बाद यह 55 से भी कम होना जरूरी है।

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