उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़े पैमाने पर 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इनमें गोंडा देवीपाटन मंडल की कमान अब 2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को सौंपी गई है। वह लखीमपुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। वहीं 2001 बैच के आईएएस अधिकारी शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। दुर्गा शक्ति नागपाल को तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी माना जाता है। हाल ही में उनका प्रमोशन कमिश्नर पद पर हुआ था और गोंडा में यह उनकी पहली कमिश्नर के तौर पर तैनाती है। गोंडा देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के रूप में शशि भूषण लाल सुशील का कार्यकाल 22 महीने 20 दिन का रहा। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए। इनमें महिलाओं की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ की शुरुआत प्रमुख है। इस पहल के तहत हर महीने के पहले सोमवार को मंडलीय कार्यालय में कमिश्नर और अन्य अधिकारी महिलाओं की शिकायतें सुनते थे। शशि भूषण लाल सुशील ने बहराइच हिंसा के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की थी और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी थी ताकि हिंसा न फैले। इसके अलावा, नेपाल में हुए विवाद के दौरान देवीपाटन मंडल के नेपाल से सटे तीन जिलों में भी उन्होंने लगातार नजर रखी। गोंडा में साफ सफाई को लेकर की भी इनके द्वारा विशेष अभियान चलवाया गया जिसके चलते गोंडा एक स्वच्छता की रैंकिंग में अच्छे पायदान पर आ सका। बहराइच बलरामपुर और श्रावस्ती में थारू समाज के लोगों के लिए भी विशेष अभियान चला करके उनके द्वारा उनके लिए कई योजनाएं लागू की गई। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद आईएएस अधिकारी भी माना जाता है।उल्लेखनीय है कि शशि भूषण लाल सुशील को भी हाल ही में प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया था, और यह उनकी पदोन्नति के बाद पहली पोस्टिंग है।


