कानपुर में इस सप्ताह पारा जाएगा 43 डिग्री:तेज धूप ने झुलसाया तो खुद को कपड़े से ढककर निकले लोग, टोपी-चश्मे की दुकानों पर भीड़

कानपुर में इस सप्ताह पारा जाएगा 43 डिग्री:तेज धूप ने झुलसाया तो खुद को कपड़े से ढककर निकले लोग, टोपी-चश्मे की दुकानों पर भीड़

कानपुर में रविवार को गर्मी ने अपना सख्त तेवर दिखाया। सुबह से ही सूरज की तपिश ऐसी थी मानो आसमान से आग बरस रही हो। दोपहर होते-होते हालात और बिगड़ गए। तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहर को झुलसा दिया। बाहर निकलने वाले लोगों के चेहरे पर गर्मी की बेचैनी साफ नजर आई। सीएसए की वेदर रिपोर्ट के अनुसार अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा है। तापमान में इस उछाल ने लोगों का दिनभर जीना मुहाल कर दिया। वहीं, न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस सप्ताह पारा 43 डिग्री तक जाने की संभावना है। गन्ने का रस पीते दिखे लोग दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा सा नजर आया। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे सिर और चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे थे। चौराहों और बाजारों में गन्ने के रस और शिकंजी की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटी रही, जहां ठंडे पेय से राहत पाने की कोशिशें जारी रहीं। तेज धूप से बचने के लिए टोपी और धूप के चश्मों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। गर्म हवाओं ने कराया लू के थपेड़ों का एहसास गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लू का एहसास कराया, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए परेशानी और बढ़ गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 से 23 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के आसार हैं। कुछ इस तरह बढ़ेगा तापमान मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि 20 -24 अप्रैल के बीच तापमान में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में अधिकतम तापमान 41°C से 42°C के बीच रहेगा, लेकिन हफ्ते के अंत तक, विशेष रूप से 23 और 24 अप्रैल को, यह 42°C से 43°C तक पहुँच सकता है। इसलिए बढ़ रही गर्मी मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म पश्चिमी हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से उछाल आ रहा है। आसमान पूरी तरह साफ रहने और बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे और तेज पड़ रही हैं। इसके अलावा हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे गर्मी को नियंत्रित करने वाला प्राकृतिक प्रभाव खत्म हो गया है।
भीषण गर्मी और ‘लू’ से बचाव के लिए करें यह उपाय

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