ADEO परीक्षा में चोरी करने वाले परीक्षार्थी सहित पांच गिरफ्तार:बेगूसराय में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त, 20 लाख रुपए में डील हुई थी

ADEO परीक्षा में चोरी करने वाले परीक्षार्थी सहित पांच गिरफ्तार:बेगूसराय में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त, 20 लाख रुपए में डील हुई थी

बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (ADEO) परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकल करने का मामला सामने आया। इससे पहले शनिवार को बेगूसराय में परीक्षार्थी की हुई गिरफ्तारी मामले में पुलिस ने इससे जुड़े चार अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त हुआ है। सूत्रों के अनुसार ये पूरी डील 20 लाख रुपए में हुई थी। इसके साथ ही बेगूसराय पुलिस की स्पेशल टीम अब इस गिरोह के खुलासे करने में जुटी हुई है। बताते चलें कि बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सीताराम उच्च विद्यालय रजौड़ा स्थित परीक्षा केंद्र पर शनिवार को एडीईओ की परीक्षा देने पहुंचे खगड़िया जिला के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित पनसल्ला गांव के रहने वाले अभिषेक रंजन को पुलिस की स्पेशल टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा था। परीक्षा केंद्र के अंदर से इसे पकड़े जाने के बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ किया तो काफी कुछ खुलासा हुआ। इसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर से दरभंगा के बहेरा थाना क्षेत्र स्थित मलौल गांव के रहने वाले मनीष कुमार, जमुई जिला के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीपुर गांव के रहने वाले राजदीप कुमार को पकड़ा गया। आगे की कार्रवाई चल रही है इसके बाद खगड़िया के गोगरी थाना क्षेत्र स्थित मुस्कीमपुर गांव के रहने वाले सदानंद कुमार और चौथम थाना क्षेत्र के कैंची गांव के रहने वाले सरफराज आलम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है। एसपी मनीष ने बताया कि धारा-318 (4), 223, 111(2) और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई चल रही है। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था अभिषेक सूत्रों के अनुसार अभिषेक रंजन पटना के पटेल छात्रावास में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था। उसने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (ADEO) परीक्षा का फॉर्म भरा तो उसे पास करने के लिए गिरोह के संपर्क में आया। जिसमें 20 लाख रुपए में डील हुई थी। उसे ब्लूटूथ से कनेक्ट छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस दिया गया था। जिसके माध्यम से बाहर बैठे रैकेट के लोग उसे उत्तर बताते। परीक्षा केंद्र में वह लिखता, लेकिन इससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 16 मार्च को मुंगेर में सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ में पुलिस को इनपुट मिली थी कि खगड़िया का रहने वाला अभिषेक रंजन बेगूसराय में परीक्षा देगा देने वाला है और उसकी भी सेटिंग है। इसके साथ ही समस्तीपुर के भी एक परीक्षार्थी के संबंध में इनपुट मिला था। इसी सूचना के आधार पर स्पेशल टीम एक्टिव हो गई। मुंगेर के इनपुट पर आशंका थी कि बायोमेट्रिक कैप्चर करने के लिए लगाए गए एजेंसी के कर्मी इसमें मदद करेंगे। इसी के आधार पर सादी वर्दी में अधिकारी सवेरे ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे और हर गतिविधि की निगरानी कर रहे थे। लेकिन बायोमेट्रिक जांच करने वाले कर्मी से मिली भगत सामने नहीं आई। सीसीटीवी से रखी जा रही थी नजर इसके बाद सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अभिषेक रंजन पर नजर रखी जा रही थी‌। परीक्षा शुरू होने से पहले वह बाथरुम गया था और बाथरूम से वापस लौटकर रूम में बैठने के बाद वह बार-बार अपने कान पर हाथ देता था। सीसीटीवी में यह कई बार यह गतिविधि देखे जाने के बाद स्पेशल टीम एक्टिव हुई और वीक्षकों के सहयोग से उसे रूम में जाकर पकड़ा गया। ऑफिस में लाकर जब गहन जांच और कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बहुत कुछ राज उगल दिया। उसने बता दिया कि परीक्षा शुरू होते ही इस डिवाइस के माध्यम से उसे सभी उत्तर मिल जाता, इसकी तैयारी हो गई थी। केंद्र के बाहर सॉल्वर गैंग के सदस्य बैठे हैं जो कि उन्हें उत्तर उपलब्ध कराने वाले थे‌ बरामद किए गए ब्लूटूथ का रेंज 400 मीटर था। जिससे की आसानी से उत्तर मिल जाता। बाहर बैठे चार युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया अपने पास मोबाइल या कुछ अन्य नहीं रखना था, सिर्फ छोटे से डिवाइस के माध्यम से ही उसे उत्तर मिलने वाला था। यह खुलासा होते ही मामले की सूचना एसपी को दी गई और एसपी मनीष मौके पर पहुंचे। बाहर बैठे गैंग के सदस्यों को लगा कि परीक्षा की जांच करने आए हैं, उन्हें थोड़ी भी आशा नहीं थी मामले का भंडाफोड़ होगा। लेकिन अंदर में पूछताछ में जब सब कुछ खुलासा हो गया तो उसी की निशानदेही पर बाहर बैठे चार युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी को मुफस्सिल थाना लाया गया तो एसपी के नेतृत्व में कई स्तर पर पूछताछ हुई‌। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने भी इस मामले में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस गैंग से जुड़े अमरजीत नाम के सॉल्वर गैंग के एक प्रमुख सदस्य की तलाश कर रही है। जिसने कि सारा कुछ सेटिंग करवाया था और वह बेगूसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (ADEO) परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकल करने का मामला सामने आया। इससे पहले शनिवार को बेगूसराय में परीक्षार्थी की हुई गिरफ्तारी मामले में पुलिस ने इससे जुड़े चार अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त हुआ है। सूत्रों के अनुसार ये पूरी डील 20 लाख रुपए में हुई थी। इसके साथ ही बेगूसराय पुलिस की स्पेशल टीम अब इस गिरोह के खुलासे करने में जुटी हुई है। बताते चलें कि बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सीताराम उच्च विद्यालय रजौड़ा स्थित परीक्षा केंद्र पर शनिवार को एडीईओ की परीक्षा देने पहुंचे खगड़िया जिला के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित पनसल्ला गांव के रहने वाले अभिषेक रंजन को पुलिस की स्पेशल टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा था। परीक्षा केंद्र के अंदर से इसे पकड़े जाने के बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ किया तो काफी कुछ खुलासा हुआ। इसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर से दरभंगा के बहेरा थाना क्षेत्र स्थित मलौल गांव के रहने वाले मनीष कुमार, जमुई जिला के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीपुर गांव के रहने वाले राजदीप कुमार को पकड़ा गया। आगे की कार्रवाई चल रही है इसके बाद खगड़िया के गोगरी थाना क्षेत्र स्थित मुस्कीमपुर गांव के रहने वाले सदानंद कुमार और चौथम थाना क्षेत्र के कैंची गांव के रहने वाले सरफराज आलम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है। एसपी मनीष ने बताया कि धारा-318 (4), 223, 111(2) और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई चल रही है। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था अभिषेक सूत्रों के अनुसार अभिषेक रंजन पटना के पटेल छात्रावास में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था। उसने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (ADEO) परीक्षा का फॉर्म भरा तो उसे पास करने के लिए गिरोह के संपर्क में आया। जिसमें 20 लाख रुपए में डील हुई थी। उसे ब्लूटूथ से कनेक्ट छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस दिया गया था। जिसके माध्यम से बाहर बैठे रैकेट के लोग उसे उत्तर बताते। परीक्षा केंद्र में वह लिखता, लेकिन इससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 16 मार्च को मुंगेर में सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ में पुलिस को इनपुट मिली थी कि खगड़िया का रहने वाला अभिषेक रंजन बेगूसराय में परीक्षा देगा देने वाला है और उसकी भी सेटिंग है। इसके साथ ही समस्तीपुर के भी एक परीक्षार्थी के संबंध में इनपुट मिला था। इसी सूचना के आधार पर स्पेशल टीम एक्टिव हो गई। मुंगेर के इनपुट पर आशंका थी कि बायोमेट्रिक कैप्चर करने के लिए लगाए गए एजेंसी के कर्मी इसमें मदद करेंगे। इसी के आधार पर सादी वर्दी में अधिकारी सवेरे ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे और हर गतिविधि की निगरानी कर रहे थे। लेकिन बायोमेट्रिक जांच करने वाले कर्मी से मिली भगत सामने नहीं आई। सीसीटीवी से रखी जा रही थी नजर इसके बाद सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अभिषेक रंजन पर नजर रखी जा रही थी‌। परीक्षा शुरू होने से पहले वह बाथरुम गया था और बाथरूम से वापस लौटकर रूम में बैठने के बाद वह बार-बार अपने कान पर हाथ देता था। सीसीटीवी में यह कई बार यह गतिविधि देखे जाने के बाद स्पेशल टीम एक्टिव हुई और वीक्षकों के सहयोग से उसे रूम में जाकर पकड़ा गया। ऑफिस में लाकर जब गहन जांच और कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बहुत कुछ राज उगल दिया। उसने बता दिया कि परीक्षा शुरू होते ही इस डिवाइस के माध्यम से उसे सभी उत्तर मिल जाता, इसकी तैयारी हो गई थी। केंद्र के बाहर सॉल्वर गैंग के सदस्य बैठे हैं जो कि उन्हें उत्तर उपलब्ध कराने वाले थे‌ बरामद किए गए ब्लूटूथ का रेंज 400 मीटर था। जिससे की आसानी से उत्तर मिल जाता। बाहर बैठे चार युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया अपने पास मोबाइल या कुछ अन्य नहीं रखना था, सिर्फ छोटे से डिवाइस के माध्यम से ही उसे उत्तर मिलने वाला था। यह खुलासा होते ही मामले की सूचना एसपी को दी गई और एसपी मनीष मौके पर पहुंचे। बाहर बैठे गैंग के सदस्यों को लगा कि परीक्षा की जांच करने आए हैं, उन्हें थोड़ी भी आशा नहीं थी मामले का भंडाफोड़ होगा। लेकिन अंदर में पूछताछ में जब सब कुछ खुलासा हो गया तो उसी की निशानदेही पर बाहर बैठे चार युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी को मुफस्सिल थाना लाया गया तो एसपी के नेतृत्व में कई स्तर पर पूछताछ हुई‌। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने भी इस मामले में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस गैंग से जुड़े अमरजीत नाम के सॉल्वर गैंग के एक प्रमुख सदस्य की तलाश कर रही है। जिसने कि सारा कुछ सेटिंग करवाया था और वह बेगूसराय का रहने वाला बताया जा रहा है।  

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