वेदांता प्लांट हादसे में 24 मौतें, 12 घायल:उद्योगपति जिंदल बोले- अनिल अग्रवाल पर FIR से पहले जांच हो, भूपेश बोले- चोर-चोर मौसेरे भाई

वेदांता प्लांट हादसे में 24 मौतें, 12 घायल:उद्योगपति जिंदल बोले- अनिल अग्रवाल पर FIR से पहले जांच हो, भूपेश बोले- चोर-चोर मौसेरे भाई

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे में कुल 24 मजदूरों की मौत हुई है। हादसे में कुल 36 मजूदर झुलसे थे। 12 घायलों का इलाज अभी जारी है। घटना की शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज हुई है। इस कार्रवाई पर उद्योगपति नवीन जिंदल ने सवाल उठाए थे, उन्होंने कहा कि जांच से पहले अनिल अग्रवाल का नाम FIR में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है। पहले घटना की जांच होनी चाहिए। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज करते हुए कहा कि नवीन जिंदल अनिल अग्रवाल के पक्ष में खड़े हैं। चोर-चोर मौसेरे भाई। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार तो साथ खड़ी है, जिंदल भी खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि मजदूरों के जान की कोई कीमत नहीं। उनको मुआवजा देने से काम चल जाएगा। क्या उन्हें न्याय नहीं मिलना चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद हुई FIR 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने 15 अप्रैल को घटना स्थल की जांच की। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई शुरूआती जांच रिपोर्ट में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई थी। जिसके बाद FIR की कार्रवाई की गई। नवीन जिंदल बोले- पहले जांच होनी चाहिए उद्योगपति नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल पर FIR होने पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पहले घटना की जांच होनी चाहिए और सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जब सरकारी कंपनियों या रेलवे में घटनाएं होती हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम लेते हैं? नहीं। यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घटना पर दुख जताया। जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में हादसे में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में हैं। सिंघीतराई प्रोजेक्ट में NGSL की टीम तैनात है, जिसमें प्रोजेक्ट हेड और साइट इंचार्ज के रूप में राजेश सक्सेना कार्यरत हैं। वे वरिष्ठ महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी हैं। वेदांता प्रबंधन और NGSL कॉर्पोरेट ऑफिस के बीच समन्वय की मुख्य कड़ी माने जाते हैं। यूनिट-1 के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी। इसके अलावा मेंटेनेंस टीम बॉयलर, टरबाइन और अन्य सहायक उपकरणों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार थी। ऐसे में ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी NGSL के पास जानकारी के अनुसार, वेदांता ने पिछले साल एनजीएसएल को संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इसमें मशीनों की नियमित निगरानी, तकनीकी खामियों की समय पर पहचान और सुधार, सुरक्षा मानकों का पालन और कर्मचारियों और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अश्विनी पटेल ने बताया कि सिंघीतराई प्लांट में ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य NGSL द्वारा किया जा रहा था। वहीं वेदांता कंपनी के PRO दीपक विश्वकर्मा ने भी पुष्टि की है कि बॉयलर यूनिट-1 की जिम्मेदारी NGSL के पास थी। ग्राफिक से समझें बॉयलर कैसे करता है काम ग्राफिक से समझिए बॉयलर ब्लास्ट क्या होता है- हादसे से जुड़ी और तस्वीरें देखिए… ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा…मासूम बच्ची समेत 4 मौतें: पति-ससुर ने तोड़ा दम, 3 महीने पहले ही एक बेटी खोई थी, युवक की भी गई जान अस्पताल के वार्ड में गूंजती एक महिला की चीखें और पास खड़ी नर्स उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। उसने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। वहीं बुधवार दोपहर घालय ससुर ने भी दम तोड़ दिया है। पढ़ें पूरी खबर

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