लखनऊ के बक्शी का तालाब क्षेत्र के भोली गांव में स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर इन दिनों विशेष भक्ति और श्रद्धा देखा जा रहा है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से यहां तीन दिवसीय सुंदरकांड का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम के दूसरे दिन साध्वी ऋतु भारती ने अपने प्रवचन में भक्त हनुमानजी के जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि हनुमानजी ऐसे भक्त थे, जिनके हृदय में केवल प्रभु का वास था।उनके भीतर राम और जानकी दोनों की छवि विद्यमान रहती है। उन्होंने समझाया कि जानकी भक्ति का प्रतीक हैं, जबकि राम शक्ति के स्वरूप हैं।हनुमान दोनों का संतुलन अपने भीतर रखते हैं और यही संतुलन आज के युवाओं के लिए सबसे जरूरी है। युवा भक्ति को पुराना मानकर उससे दूर होता जा रहा उन्होंने युवाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि आज का युवा भक्ति को पुराना मानकर उससे दूर होता जा रहा है और केवल शक्ति को ही महत्व दे रहा है।जबकि जीवन में सफलता के लिए जोश के साथ होश भी जरूरी है। हनुमानजी का एक नाम मारुति है, जिसका अर्थ वायु है। जैसे वायु ऊर्जा से भरपूर होती है, वैसे ही युवाओं में उत्साह होना चाहिए,लेकिन उसे सही दिशा भी मिलनी चाहिए। बोध’ प्रकल्प के बारे में भी जानकारी दी कार्यक्रम में संस्थान के ‘बोध’ प्रकल्प के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका उद्देश्य ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो नशे से दूर रहें और समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं।इसी के तहत ‘दिशा’ प्रकल्प के अंतर्गत ‘एक संकल्प अपने विरुद्ध’ अभियान के जरिए जागरूकता काउंटर लगाया गया, जहां आए लोगों ने नशा न करने का संकल्प लिया। भजन संध्या में साध्वी कात्यानी भारती,साध्वी मंदाकिनी भारती, साध्वी दीपा भारती और साध्वी अर्पण भारती ने सुमधुर भजनों से माहौल को भावमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। ये मौजूद रहे कार्यक्रम के पहले दिन भी भोली गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।इस मौके पर राम बहादुर , चंदन सिंह ,संजय , सुरेंद्र प्रसाद राय, गौरी सिंह (सूबेदार मेजर) और जयप्रकाश हैवंशी समेत कई लोग मौजूद रहे।


