मधेपुरा सदर प्रखंड के मतनाजा पुल के पास NH किनारे नगर परिषद द्वारा कचरा डंपिंग किए जाने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरे की दुर्गंध और सड़क पर उड़ते प्लास्टिक से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने इस संवेदनशील इलाके को अस्थायी कचरा डंपिंग स्थल बना दिया है, जबकि पास में बच्चों का स्कूल और एक अस्पताल भी है। पिछले छह महीने से यहां कचरा गिराया जा रहा है। पहले गड्ढों में कचरा डाला जाता था, लेकिन अब सीधे एनएच पर ही फेंक दिया जाता है। कचरे में दिनभर घूमते रहते है सुअर इस कचरे में दिनभर सुअर घूमते रहते हैं। कचरे में आग लगाने से निकलने वाले धुएं से आसपास के गांवों के लोग भी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद गांव के स्वच्छ वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। नगर परिषद के पास अब तक कोई स्थायी कचरा डंपिंग यार्ड नहीं है। इसी कारण शहर का कचरा यत्र-तत्र फेंक दिया जाता है। कुछ समय पहले बस स्टैंड स्थित गुमटी पुल के पास भी कचरा गिराया जाता था, जिसे लोगों के विरोध के बाद बंद कर दिया गया। डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट का चल रहा काम इस संबंध में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि नदी के उस पार चिन्हित किए गए डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसे पूरा होने में एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा, तब तक अस्थायी रूप से यहां कचरा डंप किया जा रहा है। कुमारी ने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान बहुत जल्द हो जाएगा। मधेपुरा सदर प्रखंड के मतनाजा पुल के पास NH किनारे नगर परिषद द्वारा कचरा डंपिंग किए जाने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरे की दुर्गंध और सड़क पर उड़ते प्लास्टिक से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने इस संवेदनशील इलाके को अस्थायी कचरा डंपिंग स्थल बना दिया है, जबकि पास में बच्चों का स्कूल और एक अस्पताल भी है। पिछले छह महीने से यहां कचरा गिराया जा रहा है। पहले गड्ढों में कचरा डाला जाता था, लेकिन अब सीधे एनएच पर ही फेंक दिया जाता है। कचरे में दिनभर घूमते रहते है सुअर इस कचरे में दिनभर सुअर घूमते रहते हैं। कचरे में आग लगाने से निकलने वाले धुएं से आसपास के गांवों के लोग भी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद गांव के स्वच्छ वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। नगर परिषद के पास अब तक कोई स्थायी कचरा डंपिंग यार्ड नहीं है। इसी कारण शहर का कचरा यत्र-तत्र फेंक दिया जाता है। कुछ समय पहले बस स्टैंड स्थित गुमटी पुल के पास भी कचरा गिराया जाता था, जिसे लोगों के विरोध के बाद बंद कर दिया गया। डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट का चल रहा काम इस संबंध में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि नदी के उस पार चिन्हित किए गए डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसे पूरा होने में एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा, तब तक अस्थायी रूप से यहां कचरा डंप किया जा रहा है। कुमारी ने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान बहुत जल्द हो जाएगा।


