बरेली। देशभर में उठ रहे सामाजिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। गेट पर जुटे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और विभिन्न घटनाओं को लेकर आक्रोश जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर केंद्र और प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की। उनका कहना था कि देश में कुछ घटनाएं लगातार सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं, जिन पर समय रहते लगाम लगाना जरूरी है। ज्ञापन में बजरंग दल ने अवैध धर्मांतरण, महिलाओं के कथित शोषण और जमीन कब्जाने के मामलों का हवाला देते हुए गंभीर चिंता जताई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं तो बढ़ेगा आक्रोश
कार्यकर्ताओं ने सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर कथित अवैध कब्जों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन मामलों में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि ऐसे इलाकों में विशेष निगरानी और मजबूत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की मांग
बजरंग दल ने जबरन धर्मांतरण और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की। साथ ही प्रशासन से ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अंत में उन्होंने साफ कहा कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन को अब निर्णायक भूमिका निभानी ही होगी।


