CM सम्राट को मारने की धमकी देने वाले की कहानी:पिता बोले-उसकी पत्नी हार्ट पेशेंट, सिर में चोट लगने से डिसर्टब हो गया, वो अपराधी नहीं

CM सम्राट को मारने की धमकी देने वाले की कहानी:पिता बोले-उसकी पत्नी हार्ट पेशेंट, सिर में चोट लगने से डिसर्टब हो गया, वो अपराधी नहीं

‘मेरा बेटा अपराधी नहीं है। वो थोड़ा डिसर्टब रहता है। उसकी पत्नी हार्ट पेशेंट है। उसके इलाज के लिए जैसे-तैसे 4 पैसे कमाकर भेजता है। कभी-कभी गुस्से में वो हमलोगों को भी गाली-गलौज कर देता है, लेकिन मेरा बेटा क्रिमिनल नहीं है। हमलोग बहुत गरीब हैं। उसे जेल मत भेजिए।’ ये कहना है बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी शेखर यादव के पिता कृष्णा यादव का। शेखर का टूटा-फूटा घर है। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम आरोपी शेखर के घर पहुंची। परिवार की हालत कैसी है? मां-पिता किस स्थिति में हैं? वो कब यहां से गया था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले पूरा मामला जानिए…. बांका के बेलहर थाना क्षेत्र के खड़ौधा गांव के रहने वाले आरोपी शेखर यादव (32) को गुजरात पुलिस ने 17 अप्रैल की दोपहर अहमदाबाद से अरेस्ट किया है। आज शनिवार को बिहार पुलिस उसे बिहार के मुंगेर ला रही है। युवक पर सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। एक कमरे का घर, तीन बच्चे और मां की हालत खराब जिला मुख्यालय से 80KM दूर आरोपी के गांव में जब हम पहुंचे तो हर कोई शेखर की हरकतों के बारे में ही बात कर रहा था। जैसे ही हमने शेखर के घर के बारे में ग्रामीणों से पूछा तो लोगों ने इशारे से रास्ता बता दिया। शेखर के घर में मातम जैसा माहौल था। हम जैसे ही शेखर के घर के पास पहुंचे, कमरे से रोने की आवाज आ रही थी। हमने शेखर-शेखर आवाज लगाई, तो उसके माता-पिता घर से बाहर निकले। घर के अंदर बैठे पिता बार-बार यही कहते रहे कि बेटा गलत संगत या मानसिक परेशानी की वजह से ऐसा काम किया है। मां सविता देवी की आंखें सूजी हुई थीं। वह बार-बार बेटे का नाम लेकर रो पड़ती थीं। परिवार की महिलाओं ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद से घर में किसी ने ढंग से खाना नहीं खाया है। बेहद गरीब परिवार, मजदूरी कर चलता है घर आरोपी के पिता कृष्णा ने बताया, परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। मुझे दो बेटे हैं। शेखर यादव और मुकेश यादव। दोनों की शादी हो चुकी है। दोनों अलग-अलग रहते हैं। शेखर गुजरात में ड्राइविंग का काम करता है, जबकि दूसरा बेटा हैदराबाद के सिकंदराबाद में मजदूरी करता है। शेखर की पत्नी-बच्चे हमारे साथ ही रहते हैं। बहू को हार्ट की बीमारी है। उसका लगातार ट्रीटमेंट लगातार चल रहता है। पैसे के अभाव में बच्चों को पढ़ा भी नहीं रहा है। इंदिरा आवास से मिले पैसे से बनाया एक कमरे का घर कृष्णा ने बताया कि मैं खुद पहले बाहर रहकर मजदूरी करता था, लेकिन अब गांव में रहकर दिहाड़ी कर गुजर-बसर करते हैं। शेखर को सरकारी योजना के तहत इंदिरा आवास मिला था। किसी तरह एक कमरा बनाकर पूरा परिवार इसी में रहता है। चाचा से विवाद के बाद बिगड़ी मानसिक हालत उन्होंने कहा कि चार साल पहले घरेलू विवाद के कारण मेरे भाई पंकज यादव और शेखर में मारपीट हो गई थी। इस दौरान पंकज ने शेखर को लाठी से पीटा था, जिसमें उसका सिर फूट गया था। इस मामले में बेलहर थाना में केस भी दर्ज हुआ था। इस घटना के बाद से शेखर की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। वो कभी गुस्सा करता तो कभी हम लोगों के साथ ही गाली गलौज करता था। गुस्से में घर का सामान और दरवाजा तक तोड़ देता था। पैसे के अभाव में इलाज ठीक से नहीं कराया परिजनों के मुताबिक, शेखर का इलाज भागलपुर में कराया गया था, लेकिन गरीबी के कारण समुचित इलाज नहीं हुआ। दवाइयां भी छोड़ दी, जिससे स्थिति बिगड़ती गई। अगर पैसा होता तो बेटे का इलाज ठीक से करवा लेते तो शायद आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। शेखर की पत्नी भी बीमार है शेखर की पत्नी सुषमा देवी दिल की बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी स्थिति गंभीर बनी रहती है और गिरफ्तारी से एक दिन पहले वह इलाज के लिए पटना गई थीं। घर में तीन छोटे बच्चे हैं। स्नेहा कुमारी (6), सोनाली कुमारी (5) और आर्यन कुमार (3)। पिता की गिरफ्तारी के बाद बच्चे डरे-सहमे हैं। अब पढ़िए शेखर क्यों हुआ अरेस्ट ऑडियो क्लिप से शुरू हुई जांच मुंगेर SP सैयद इमरान मसूद ने बताया, 15 अप्रैल को संग्रामपुर थाना को एक ऑडियो क्लिप मिली थी। इसमें एक व्यक्ति (शेखर) मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संग्रामपुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस टीम उसके गांव पहुंची, जहां पता चला कि वह पिछले करीब 3 साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर ट्रक चला रहा है। फिर पुलिस ने आरोपी के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। पुलिस की टीम ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया और शेखर यादव को अरेस्ट करने के लिए कहा। गुजरात पुलिस ने शेखर को अरेस्ट किया। अब मुंगेर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे बिहार ला रही है। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, इसलिए दी धमकी अहमदाबाद की DSP आस्था राणा ने बताया कि 15 अप्रैल को आरोपी ने बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय को फोन करके जान से मारने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुंगेर में शिकायत दर्ज कराई। सानंद से आरोपी की मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद मुंगेर पुलिस ने ग्रामीण एसपी से संपर्क किया। ग्रामीण एसपी से सूचना मिलने पर पीआई बी.टी. गोहिल की टीम ने आरोपी को सानंद से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ बिहार में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। आरोपी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को फोन करके धमकी भी दी थी। पेशे से वह ट्रक ड्राइवर है और रात में ट्रक में ही सोता था। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है। केवल मारपीट का एक पुराना मामला सामने आया है। मुंगेर पुलिस का कहना है कि आरोपी को बिहार लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि ऑडियो किस तरह वायरल हुआ, किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें किसी अन्य की भूमिका है या नहीं। ‘मेरा बेटा अपराधी नहीं है। वो थोड़ा डिसर्टब रहता है। उसकी पत्नी हार्ट पेशेंट है। उसके इलाज के लिए जैसे-तैसे 4 पैसे कमाकर भेजता है। कभी-कभी गुस्से में वो हमलोगों को भी गाली-गलौज कर देता है, लेकिन मेरा बेटा क्रिमिनल नहीं है। हमलोग बहुत गरीब हैं। उसे जेल मत भेजिए।’ ये कहना है बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी शेखर यादव के पिता कृष्णा यादव का। शेखर का टूटा-फूटा घर है। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम आरोपी शेखर के घर पहुंची। परिवार की हालत कैसी है? मां-पिता किस स्थिति में हैं? वो कब यहां से गया था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले पूरा मामला जानिए…. बांका के बेलहर थाना क्षेत्र के खड़ौधा गांव के रहने वाले आरोपी शेखर यादव (32) को गुजरात पुलिस ने 17 अप्रैल की दोपहर अहमदाबाद से अरेस्ट किया है। आज शनिवार को बिहार पुलिस उसे बिहार के मुंगेर ला रही है। युवक पर सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। एक कमरे का घर, तीन बच्चे और मां की हालत खराब जिला मुख्यालय से 80KM दूर आरोपी के गांव में जब हम पहुंचे तो हर कोई शेखर की हरकतों के बारे में ही बात कर रहा था। जैसे ही हमने शेखर के घर के बारे में ग्रामीणों से पूछा तो लोगों ने इशारे से रास्ता बता दिया। शेखर के घर में मातम जैसा माहौल था। हम जैसे ही शेखर के घर के पास पहुंचे, कमरे से रोने की आवाज आ रही थी। हमने शेखर-शेखर आवाज लगाई, तो उसके माता-पिता घर से बाहर निकले। घर के अंदर बैठे पिता बार-बार यही कहते रहे कि बेटा गलत संगत या मानसिक परेशानी की वजह से ऐसा काम किया है। मां सविता देवी की आंखें सूजी हुई थीं। वह बार-बार बेटे का नाम लेकर रो पड़ती थीं। परिवार की महिलाओं ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद से घर में किसी ने ढंग से खाना नहीं खाया है। बेहद गरीब परिवार, मजदूरी कर चलता है घर आरोपी के पिता कृष्णा ने बताया, परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। मुझे दो बेटे हैं। शेखर यादव और मुकेश यादव। दोनों की शादी हो चुकी है। दोनों अलग-अलग रहते हैं। शेखर गुजरात में ड्राइविंग का काम करता है, जबकि दूसरा बेटा हैदराबाद के सिकंदराबाद में मजदूरी करता है। शेखर की पत्नी-बच्चे हमारे साथ ही रहते हैं। बहू को हार्ट की बीमारी है। उसका लगातार ट्रीटमेंट लगातार चल रहता है। पैसे के अभाव में बच्चों को पढ़ा भी नहीं रहा है। इंदिरा आवास से मिले पैसे से बनाया एक कमरे का घर कृष्णा ने बताया कि मैं खुद पहले बाहर रहकर मजदूरी करता था, लेकिन अब गांव में रहकर दिहाड़ी कर गुजर-बसर करते हैं। शेखर को सरकारी योजना के तहत इंदिरा आवास मिला था। किसी तरह एक कमरा बनाकर पूरा परिवार इसी में रहता है। चाचा से विवाद के बाद बिगड़ी मानसिक हालत उन्होंने कहा कि चार साल पहले घरेलू विवाद के कारण मेरे भाई पंकज यादव और शेखर में मारपीट हो गई थी। इस दौरान पंकज ने शेखर को लाठी से पीटा था, जिसमें उसका सिर फूट गया था। इस मामले में बेलहर थाना में केस भी दर्ज हुआ था। इस घटना के बाद से शेखर की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। वो कभी गुस्सा करता तो कभी हम लोगों के साथ ही गाली गलौज करता था। गुस्से में घर का सामान और दरवाजा तक तोड़ देता था। पैसे के अभाव में इलाज ठीक से नहीं कराया परिजनों के मुताबिक, शेखर का इलाज भागलपुर में कराया गया था, लेकिन गरीबी के कारण समुचित इलाज नहीं हुआ। दवाइयां भी छोड़ दी, जिससे स्थिति बिगड़ती गई। अगर पैसा होता तो बेटे का इलाज ठीक से करवा लेते तो शायद आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। शेखर की पत्नी भी बीमार है शेखर की पत्नी सुषमा देवी दिल की बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी स्थिति गंभीर बनी रहती है और गिरफ्तारी से एक दिन पहले वह इलाज के लिए पटना गई थीं। घर में तीन छोटे बच्चे हैं। स्नेहा कुमारी (6), सोनाली कुमारी (5) और आर्यन कुमार (3)। पिता की गिरफ्तारी के बाद बच्चे डरे-सहमे हैं। अब पढ़िए शेखर क्यों हुआ अरेस्ट ऑडियो क्लिप से शुरू हुई जांच मुंगेर SP सैयद इमरान मसूद ने बताया, 15 अप्रैल को संग्रामपुर थाना को एक ऑडियो क्लिप मिली थी। इसमें एक व्यक्ति (शेखर) मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संग्रामपुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस टीम उसके गांव पहुंची, जहां पता चला कि वह पिछले करीब 3 साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर ट्रक चला रहा है। फिर पुलिस ने आरोपी के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। पुलिस की टीम ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया और शेखर यादव को अरेस्ट करने के लिए कहा। गुजरात पुलिस ने शेखर को अरेस्ट किया। अब मुंगेर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे बिहार ला रही है। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, इसलिए दी धमकी अहमदाबाद की DSP आस्था राणा ने बताया कि 15 अप्रैल को आरोपी ने बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय को फोन करके जान से मारने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुंगेर में शिकायत दर्ज कराई। सानंद से आरोपी की मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद मुंगेर पुलिस ने ग्रामीण एसपी से संपर्क किया। ग्रामीण एसपी से सूचना मिलने पर पीआई बी.टी. गोहिल की टीम ने आरोपी को सानंद से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ बिहार में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। आरोपी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को फोन करके धमकी भी दी थी। पेशे से वह ट्रक ड्राइवर है और रात में ट्रक में ही सोता था। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है। केवल मारपीट का एक पुराना मामला सामने आया है। मुंगेर पुलिस का कहना है कि आरोपी को बिहार लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि ऑडियो किस तरह वायरल हुआ, किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें किसी अन्य की भूमिका है या नहीं।  

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