सुपौल में ANM की जगह टीचर पति करता मिला ट्रीटमेंट:रेफरल अस्पताल राघोपुर का वीडियो वायरल,लोग बोले-जख्म पर टांके लगा रहा था

सुपौल में ANM की जगह टीचर पति करता मिला ट्रीटमेंट:रेफरल अस्पताल राघोपुर का वीडियो वायरल,लोग बोले-जख्म पर टांके लगा रहा था

सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक एएनएम की जगह उसका पति मरीज का इलाज करता हुआ कैमरे में कैद हुआ है। इस घटना का वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घायल युवक को पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल जानकारी के अनुसार, एनएच-106 पर रतनपुरा थाना क्षेत्र के रतनपुरा पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही रतनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को खून से लथपथ हालत में उठाकर तुरंत राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया। घायल की पहचान भगवानपुर वार्ड नंबर 11 निवासी 32 वर्षीय मनोज सादा के रूप में हुई है। अस्पताल में डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने उसका इलाज शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने से उसकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। एएनएम के साथ एक अन्य व्यक्ति कर रहा था इलाज इसी दौरान अस्पताल में एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक एएनएम ड्रेस में मौजूद थी, लेकिन उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी इलाज में सक्रिय रूप से शामिल था। वायरल वीडियो में वह व्यक्ति घायल के जख्म पर टांके लगाते हुए दिखाई दे रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि इलाज कर रहा व्यक्ति कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि एक निजी स्कूल का शिक्षक पवन कुमार है। बताया जा रहा है कि वह नर्स शिवानी मरांडी का पति है और कई बार उसकी जगह या उसके साथ मिलकर मरीजों का इलाज करता है। नियमों का उल्लंघन,मरीजों की जान से खिलवाड़ इस खुलासे ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी सरकारी अस्पताल में बिना चिकित्सीय योग्यता के कोई व्यक्ति मरीज का इलाज कर सकता है? यदि ऐसा हुआ है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से स्वास्थ्य व्यवस्था पर से आम लोगों का भरोसा उठ सकता है। MO बोले-अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी मामले पर राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने कहा कि वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य विभाग से त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक एएनएम की जगह उसका पति मरीज का इलाज करता हुआ कैमरे में कैद हुआ है। इस घटना का वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घायल युवक को पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल जानकारी के अनुसार, एनएच-106 पर रतनपुरा थाना क्षेत्र के रतनपुरा पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही रतनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को खून से लथपथ हालत में उठाकर तुरंत राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया। घायल की पहचान भगवानपुर वार्ड नंबर 11 निवासी 32 वर्षीय मनोज सादा के रूप में हुई है। अस्पताल में डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने उसका इलाज शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने से उसकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। एएनएम के साथ एक अन्य व्यक्ति कर रहा था इलाज इसी दौरान अस्पताल में एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक एएनएम ड्रेस में मौजूद थी, लेकिन उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी इलाज में सक्रिय रूप से शामिल था। वायरल वीडियो में वह व्यक्ति घायल के जख्म पर टांके लगाते हुए दिखाई दे रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि इलाज कर रहा व्यक्ति कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि एक निजी स्कूल का शिक्षक पवन कुमार है। बताया जा रहा है कि वह नर्स शिवानी मरांडी का पति है और कई बार उसकी जगह या उसके साथ मिलकर मरीजों का इलाज करता है। नियमों का उल्लंघन,मरीजों की जान से खिलवाड़ इस खुलासे ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी सरकारी अस्पताल में बिना चिकित्सीय योग्यता के कोई व्यक्ति मरीज का इलाज कर सकता है? यदि ऐसा हुआ है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से स्वास्थ्य व्यवस्था पर से आम लोगों का भरोसा उठ सकता है। MO बोले-अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी मामले पर राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने कहा कि वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य विभाग से त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।  

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