Fake Protein Powder : “70% नकली प्रोटीन पाउडर”, डॉक्टर ने किया एक्सपोज, ये किडनी को कर सकते हैं डैमेज

Fake Protein Powder : “70% नकली प्रोटीन पाउडर”, डॉक्टर ने किया एक्सपोज, ये किडनी को कर सकते हैं डैमेज

Fake Protein Powder : हर प्रोटीन पाउडर को हेल्दी मानकर पीने वाले जरा इस हैदराबाद की डॉक्टर की बात पर ध्यान दें! डॉ. पूजा रेड्डी (Dr Pooja Reddy) ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया है कि भारत में बिक रहे 70 प्रतिशत प्रोटीन पाउडर फेक हैं। ये बात उन्होंने भारत के 36 प्रोटीन सप्लीमेंट्स ब्रांड्स की जांच को लेकर आई रिपोर्ट के आधार पर कही है। ऐसे में आपको इसको लेकर सावधान होने की जरुरत है। साथ ही असली-नकली प्रोटीन पाउडर की पहचान और इससे जुड़ी कई बातों को जान लेना चाहिए। अन्यथा किडनी और लिवर पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

“70 प्रतिशत प्रोटीन पाउडर नकली”

इसलिए, डॉ. रेड्डी ने देश के सबसे लोकप्रिय प्रोटीन सप्लीमेंट्स को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है, “70 प्रतिशत प्रोटीन पाउडर नकली हैं।”

प्रोटीन पाउडर में जहरीले तत्व

वो कहती हैं कि ये ब्रांड मिलावट और गलत लेबलिंग तक करते पाए गए हैं। इससे समस्या केवल पोषण की कमी नहीं है, बल्कि इसमें मौजूद टॉक्सिन्स (जहरीले तत्व) भी हैं।

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “70 प्रतिशत उत्पादों पर गलत लेबल लगे थे। 14 प्रतिशत में भारी धातुएं , फंगल, टॉक्सिन्स या कीटनाशकों के अवशेष पाए गए। आप स्वस्थ रहने के लिए अपने प्रोटीन पर भरोसा करते हैं, लेकिन आपका शरीर इसे संभालने में संघर्ष करता है।”

किडनी व लिवर पर लोड

इनका असर किडनी और लिवर पर सीधे पड़ सकता है। इनका प्रभाव इन दो अंगों पर पड़ता है। इसके लिए किडनी व लिवर पर लोड भी अधिक पड़ता है। इसलिए, प्रोटीन पाउडर को लेकर कई बातें जान लें।

प्रोटीन पाउडर लेने वाले जान लें ये बातें

Fake Protein Powder Side effects chart
  • डिहाइड्रेशन (पानी की कमी)

“आप व्हे प्रोटीन (whey protein) के दो स्कूप ले रहे हैं लेकिन मुश्किल से दो गिलास पानी पी रहे हैं। प्रोटीन को मेटाबोलाइज करने के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इसके बिना, आपकी किडनी बिना किसी कारण के अतिरिक्त काम कर रही है।

  • फाइबर की कमी

“आप 100 ग्राम प्रोटीन तो ले रहे हैं लेकिन फाइबर लगभग बिल्कुल नहीं खा रहे हैं। वह प्रोटीन आपकी आंत में बिना पचे पड़ा रहता है, सड़ता (fermenting) है, जिससे वह सूजन (bloating) होती है जिसका दोष आप प्रोटीन को देते हैं।”

  • अंधाधुंध मैक्रो-काउंटिंग

“आप बिना यह पूछे किसी इन्फ्लुएंसर के मैक्रो कैलकुलेटर का पालन कर रहे हैं कि: मैं वास्तव में कितना चलता-फिरता हूं? मेरी कसरत कितनी तीव्र है? आपके शरीर की जरुरत से ज्यादा प्रोटीन खाने से अधिक मांसपेशियां नहीं बनतीं। यह केवल और अधिक कचरा पैदा करता है जिसे आपके शरीर के अंगों को साफ करना पड़ता है।”

ऐसे लोग प्रोटीन पाउडर लेने से पहले हो जाएं सावधान!

डॉ. ने कहा कि पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिए, संभावित रूप से मिलावटी सप्लीमेंट और उच्च प्रोटीन का सेवन एक खतरनाक मिश्रण हो सकता है।

उन्होंने सलाह दी, “यदि आप मधुमेह रोगी हैं या आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है, तो कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) जरूर करवाएं। कम से कम 3 लीटर पानी पिएं। हर भोजन के साथ फाइबर लें। किसी ब्रांड पर आंख मूंदकर भरोसा करना बंद करें।”

अंत में वो कहती हैं, “प्रोटीन शक्तिशाली है, लेकिन केवल तभी जब आपका शरीर वास्तव में इसका उपयोग कर सके।”

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