मप्र सरकार ने प्रदेश में गुरुवार से शुरू हुई जनगणना-2027 को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें आम लोगों और जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों दोनों के लिए गाइडलाइन दी गई है। इसमें साफ है कि जनगणना के दौरान दी गई निजी जानकारियां गोपनीय रहेंगी। इसे किसी भी सिविल या क्रिमिनल कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकेगा। प्रगणक और पर्यवेक्षकों के लिए पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। ये 5 काम किए तो लग सकती है हजार रुपए पेनाल्टी 1. जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना।
2. सवाल का जवाब न देना।
3. घर में या कॉलोनी परिसर में प्रवेश न करने देना।
4. घर पर लिखे गए नंबर या चिह्नों को मिटाना।
5. जनगणना कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश करना।
इन तीन परिस्थितियों में हो सकती है 3 साल तक की जेल सांस्कृतिक परंपराओं में मिलेगी छूट … जानकारी देने में कुछ छूट भी है। यदि किसी परिवार की परंपरा में महिला सदस्य या पति का नाम लेना वर्जित है, तो उन्हें नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।


