नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने परिसीमन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हुए सीएम से इस पर रुख साफ करने को कहा है। जूली ने बयान जारी कर कहा कि परिसीमन एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसका सीधा असर राजस्थान की राजनीतिक भविष्य, लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या पर पड़ेगा। परिसीमन कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रदेश के लोकतांत्रिक भविष्य को तय करने वाला विषय है, जिस पर मुख्यमंत्री की चुप्पी से कई सवाल उठ रहे हैं। जूली ने कहा कि वर्तमान में पूरे देश में परिसीमन के मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। दक्षिण भारत के राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी चिंताओं को लेकर मुखर हैं, क्योंकि इसका सीधा असर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या पर पड़ेगा। राजस्थान जैसे राज्य में सीटों का पुनर्गठन भौगोलिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व को पूरी तरह बदल देगा। ऐसे संवेदनशील समय में राजस्थान सरकार का कोई रुख स्पष्ट न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जूली ने कहा- मुख्यमंत्री अविलंब एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं ताकि परिसीमन के तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हो सके। राजस्थान के हक और यहां की जनता के प्रतिनिधित्व के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना इस सरकार की प्राथमिकता जूली ने कहा- भाजपा सरकार समय पर प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव तक नहीं करवा पा रही है, उससे इतने बड़े संवैधानिक बदलाव को संभालने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना इस सरकार की प्राथमिकता बन गई है। जब सरकार निकाय और पंचायत चुनाव ही नहीं करा पा रही, तो वह परिसीमन जैसे जटिल विषय पर प्रदेश का पक्ष केंद्र के सामने मजबूती से कैसे रखेगी? सरकार शासन चलाने के लिए विजन की जरूरत होती है, जो वर्तमान सरकार में कहीं दिखाई नहीं देता।


