पंचक्रोशी यात्रा के दौरान शिवरथ इस बार भी यात्रियों के आकर्षण का केंद्र रहा। हनुमान भक्त मंडल जिला उज्जैन और शिवरथ परिवार के अनुसार यह शिवरथ पंचक्रोशी यात्रा में लगातार 30वें वर्ष शामिल हुआ। रथ पांच दिनों तक यात्रा मार्ग पर हजारों यात्रियों के साथ चला। रथ संरक्षक अशोक प्रजापत ने बताया कि शिवरथ के पड़ाव ग्राम करोहन, बिलकेश्वर महादेव मंदिर, दुर्दरेश्वर महादेव मंदिर (जैथल) और ग्राम उंडासा रहे। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे शिवरथ पंचक्रोशी द्वार हीरा मिल गेट से शहर में प्रवेश करेगा। नगर प्रवेश के बाद रथ चामुंडा माता चौराहा, देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज, फव्वारा चौक, एटलस चौराहा, नई सड़क कंठाल, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, गुदरी बाजार और कार्तिक चौक होते हुए शिप्रा के रेती घाट पहुंचेगा। आयोजकों के मुताबिक नगर प्रवेश के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से यात्रियों का स्वागत किया जाएगा। दोपहर 4 बजे रथ अष्टतीर्थी यात्रा के लिए रवाना होगा। रात में सिद्धनाथ घाट पर आरती और भजन संध्या होगी। जानकारी रवि प्रजापत ने दी। पंचकोशी यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की सेवा के लिए उज्जैन संभाग पूर्व सैनिक कल्याण संगठन ने 15 अप्रैल को विशेष सेवा शिविर लगाया। शिविर आगर रोड पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने यात्रियों को फल, बिस्किट और शीतल जल वितरित किया। यात्रियों को बैठाकर पानी पिलाया गया। शिविर में श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से बचाव की सावधानियां बताई गईं। यातायात नियमों के पालन का संदेश भी दिया गया। मौके पर कीर्तन और भजनों का आयोजन हुआ, जिसमें यात्रियों ने सहभागिता की। प्रशांत निगम के अनुसार कार्यक्रम में अध्यक्ष कमल किशोर सोनी, मुकेश कुमार मोयल और कोषाध्यक्ष अनिल तोमर मौजूद रहे।


