बेगूसराय के नावकोठी प्रखंड के वृंदावन गांव में साल 2018 की शुरुआत में एक के बाद मोटर पंप की चोरी होने लगी। फिर 8 से 10 बाइक चोरी की घटनाएं सामने आईं। गांव में चोरी की घटनाओं की चर्चा होनी शुरू हुई तो 24 साल का एक लड़का हाथ में पिस्टल लेकर लोगों को धमकाने लगा। ये कहानी है समस्तीपुर के दलसिंहसराय जेल में बंद अपराधी भोला सिंह उर्फ सन्नी की है, जो जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है। भोला सिंह उर्फ सन्नी की चर्चा इसलिए, क्योंकि उसने जेल में बैठकर 24 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक यानी 11 दिनों में तीन बड़ी वारदातों को अपने गुर्गों से अंजाम दिलवाया। 24 मार्च को तेघड़ा के हसनपुर स्थित एक्सिस बैंक से 4 लाख की लूट, 30 मार्च को बेगूसराय शहर में नेशनल प्लेयर पर फायरिंग और 3 अप्रैल को दरभंगा के प्रेम ज्वेलर्स से 2 करोड़ की लूट की वारदात शामिल है। 30 साल के भोला सिंह का आपराधिक इतिहास क्या है? आखिर जेल से भोला सिंह लूट, हत्या की कोशिश की वारदातों को कैसे अंजाम दिलवा रहा है? उम्रकैद की सजा काट रहे भोला सिंह के परिवार में कौन-कौन है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए भोला सिंह के आपराधिक इतिहास भास्कर रिपोर्टर वृंदावन गांव पहुंचा तो कुछ लोग एक पेड़ के नीचे बैठे थे। इन लोगों से भोला सिंह का जिक्र जैसे ही किया, वैसे ही ऑन कैमरा कोई बोलने को तैयार नहीं हुए। नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर लोगों ने कहा कि भोला पर गांव के दो-दो लोगों की हत्या का आरोप है, वह आदमी जेल में बैठकर एक के बाद लूट और हत्या की कोशिश की वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है। अगर उसके बारे में कैमरे पर कुछ बोलेंगे तो वो हम लोगों को नहीं छोड़ेगा। एक शख्स ने बताया कि भोला सिंह के चाचा हीरा सिंह कुख्यात अपराधी अजय सिंह उर्फ कोबरा का शागिर्द था। कुछ लोगों ने बताया कि हीरा सिंह इतना बड़ा शातिर था कि 29 दिसंबर 2017 की शाम अजय सिंह की हत्या हो गई। इस मर्डर केस में हीरा सिंह का नाम आया। अजय सिंह की हत्या के बाद हीरा ने खुद को नए बॉस के रूप में पेश कर गैंग की कमान संभालने लगा। उसने अपने भरोसेमंद के रूप में अपने भाई संजय सिंह के बेटे भोला सिंह उर्फ सन्नी को अपराध की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। शुरुआत में भोला ने गांव में पानी के मोटर, बाइक की चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देता था। भोला अपराध की दुनिया में ट्रेंड हुआ तो उसने अपने भाई संदीप को भी इसमें शामिल कर लिया। फिर चोरी, लूट, हत्या और हत्या की कोशिश जैसे वारदातों को अंजाम देने लगा। 2020 में गांव के लड़के की हत्या की, लाश पर डालता था एसिड दिसंबर 2020 में भोला सिंह ने अपने गांव के ही टुनटुन सिंह के बेटे प्रिंस कुमार का उसके घर से अपहरण किया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। लाश को पहले अपने अड्डे पर छिपाया। इसके बाद लाश पर रोजाना एसिड डालने लगा, ताकि लाश गल जाए। लेकिन जब लाश से बदबू आने लगी तो उसने शव के बचे हिस्सों को हल्दी के खेत में छिपा दिया और वहां भी लाश पर एसिड डालने लगा था। हालांकि, लाश की दुर्गंध ने एक दिन हत्या का राज खोल दिया। हल्दी के खेत में काम करने गए मजदूरों ने लाश को देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच पड़ताल शुरू होने से पहले ही भोला ने मृतक प्रिंस के पिता टुनटुन सिंह को इतना धमका दिया कि उसने पुलिस के सामने कुछ नहीं कहा। आज भी प्रिंस मर्डर केस ट्रायल में ही है। प्रिंस मर्डर केस में जिसने मदद की, उसकी भोला ने गोली मारकर की हत्या गांव के लोगों ने बताया कि प्रिंस मर्डर केस में टुनटुन की मदद गांव के ही मनोज सिंह ने की थी। इसकी जानकारी के बाद भोला सिंह ने 7 फरवरी 2022 को समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित फफौत पुल के पास मूर्ति विसर्जन के दौरान मनोज सिंह के बेटे परीक्षित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद परीक्षित का पेट चाकू से चीर दिया। 8 फरवरी 2022 को परीक्षित कुमार का अंतिम संस्कार किया गया था। अंतिम संस्कार के बाद जब परीक्षित के परिजन और गांव के लोग घर लौट रहे थे, तभी उन्होने भोला सिंह के चाचा हीरा सिंह के घर पर हमला कर दिया। हीरा सिंह को घर से खींच कर बाहर निकालते हुए ग्रामीणों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में मनोज सिंह को आरोपी बनाया गया था, जो मामला आज भी कोर्ट में चल रहा है और उसकी लास्ट तारीख 2 अप्रैल को थी, जिसमें भोला का भाई संदीप भी पहुंचा था। मृतक परीक्षित के पिता मनोज सिंह ने बताया कि मेरा बेटा सेना में जाने के लिए ट्रेनिंग लेता था। अप्रैल महीने में कटिहार में होने वाली बहाली में वह शामिल होता। उसके कोचिंग में सरस्वती पूजा हुई थी, 7 फरवरी को प्रतिमा विसर्जन करने के लिए वह दोस्तों के साथ बूढ़ी गंडक नदी में गया था। इसी दौरान परीक्षित को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भोला, संदीप और उसके चाचा हीरा सिंह सहित आठ लोग शामिल थे। परीक्षित मर्डर केस में कोर्ट ने भोला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी इधर, परीक्षित कुमार की हत्या मामले में कोर्ट ने 27 नवंबर 2024 को भोला कुमार उर्फ सन्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। भोला जब जेल में गया तो अंदर से ही अपने गुर्गों की मदद से गैंग को ऑपरेट करने लगा। वारदात को अंजाम देने के लिए भोला ने दो खास लड़कों को रखा है। खुद उम्रकैद की सजा काट रहा, भाई और मां जेल में बंद, पिता फरार भोला सिंह के भाई संदीप कुमार को दरभंगा में ज्वेलरी शॉप से 2 करोड़ की ज्वेलरी लूटकांड में दरभंगा पुलिस, बिहार STF ने आगरा से गिरफ्तार किया था। संदीप सिंह की निशानदेही पर उसके घर से उसकी मां उषा देवी की ओर से मिट्टी में छिपाकर रखे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। संदीप और उसकी मां उषा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, भोला सिंह के पिता संजय सिंह फरार हैं। दरभंगा में ज्वेलरी शॉप से हुई लूट मामले में गिरफ्तार संदीप की निशानदेही पर पिछले शनिवार यानी 11 अप्रैल को जब पुलिस छापेमारी के लिए भोला के घर पहुंची थी, तभी बम ब्लास्ट हो गया था। दरअसल, भोला के गुर्गों ने बम छिपाकर रखा था। ब्लास्ट में ASI विपिन कुमार ओझा और गुड़िया कुमारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को चोट आई थी। बेगूसराय के नावकोठी प्रखंड के वृंदावन गांव में साल 2018 की शुरुआत में एक के बाद मोटर पंप की चोरी होने लगी। फिर 8 से 10 बाइक चोरी की घटनाएं सामने आईं। गांव में चोरी की घटनाओं की चर्चा होनी शुरू हुई तो 24 साल का एक लड़का हाथ में पिस्टल लेकर लोगों को धमकाने लगा। ये कहानी है समस्तीपुर के दलसिंहसराय जेल में बंद अपराधी भोला सिंह उर्फ सन्नी की है, जो जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है। भोला सिंह उर्फ सन्नी की चर्चा इसलिए, क्योंकि उसने जेल में बैठकर 24 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक यानी 11 दिनों में तीन बड़ी वारदातों को अपने गुर्गों से अंजाम दिलवाया। 24 मार्च को तेघड़ा के हसनपुर स्थित एक्सिस बैंक से 4 लाख की लूट, 30 मार्च को बेगूसराय शहर में नेशनल प्लेयर पर फायरिंग और 3 अप्रैल को दरभंगा के प्रेम ज्वेलर्स से 2 करोड़ की लूट की वारदात शामिल है। 30 साल के भोला सिंह का आपराधिक इतिहास क्या है? आखिर जेल से भोला सिंह लूट, हत्या की कोशिश की वारदातों को कैसे अंजाम दिलवा रहा है? उम्रकैद की सजा काट रहे भोला सिंह के परिवार में कौन-कौन है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए भोला सिंह के आपराधिक इतिहास भास्कर रिपोर्टर वृंदावन गांव पहुंचा तो कुछ लोग एक पेड़ के नीचे बैठे थे। इन लोगों से भोला सिंह का जिक्र जैसे ही किया, वैसे ही ऑन कैमरा कोई बोलने को तैयार नहीं हुए। नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर लोगों ने कहा कि भोला पर गांव के दो-दो लोगों की हत्या का आरोप है, वह आदमी जेल में बैठकर एक के बाद लूट और हत्या की कोशिश की वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है। अगर उसके बारे में कैमरे पर कुछ बोलेंगे तो वो हम लोगों को नहीं छोड़ेगा। एक शख्स ने बताया कि भोला सिंह के चाचा हीरा सिंह कुख्यात अपराधी अजय सिंह उर्फ कोबरा का शागिर्द था। कुछ लोगों ने बताया कि हीरा सिंह इतना बड़ा शातिर था कि 29 दिसंबर 2017 की शाम अजय सिंह की हत्या हो गई। इस मर्डर केस में हीरा सिंह का नाम आया। अजय सिंह की हत्या के बाद हीरा ने खुद को नए बॉस के रूप में पेश कर गैंग की कमान संभालने लगा। उसने अपने भरोसेमंद के रूप में अपने भाई संजय सिंह के बेटे भोला सिंह उर्फ सन्नी को अपराध की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। शुरुआत में भोला ने गांव में पानी के मोटर, बाइक की चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देता था। भोला अपराध की दुनिया में ट्रेंड हुआ तो उसने अपने भाई संदीप को भी इसमें शामिल कर लिया। फिर चोरी, लूट, हत्या और हत्या की कोशिश जैसे वारदातों को अंजाम देने लगा। 2020 में गांव के लड़के की हत्या की, लाश पर डालता था एसिड दिसंबर 2020 में भोला सिंह ने अपने गांव के ही टुनटुन सिंह के बेटे प्रिंस कुमार का उसके घर से अपहरण किया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। लाश को पहले अपने अड्डे पर छिपाया। इसके बाद लाश पर रोजाना एसिड डालने लगा, ताकि लाश गल जाए। लेकिन जब लाश से बदबू आने लगी तो उसने शव के बचे हिस्सों को हल्दी के खेत में छिपा दिया और वहां भी लाश पर एसिड डालने लगा था। हालांकि, लाश की दुर्गंध ने एक दिन हत्या का राज खोल दिया। हल्दी के खेत में काम करने गए मजदूरों ने लाश को देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच पड़ताल शुरू होने से पहले ही भोला ने मृतक प्रिंस के पिता टुनटुन सिंह को इतना धमका दिया कि उसने पुलिस के सामने कुछ नहीं कहा। आज भी प्रिंस मर्डर केस ट्रायल में ही है। प्रिंस मर्डर केस में जिसने मदद की, उसकी भोला ने गोली मारकर की हत्या गांव के लोगों ने बताया कि प्रिंस मर्डर केस में टुनटुन की मदद गांव के ही मनोज सिंह ने की थी। इसकी जानकारी के बाद भोला सिंह ने 7 फरवरी 2022 को समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित फफौत पुल के पास मूर्ति विसर्जन के दौरान मनोज सिंह के बेटे परीक्षित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद परीक्षित का पेट चाकू से चीर दिया। 8 फरवरी 2022 को परीक्षित कुमार का अंतिम संस्कार किया गया था। अंतिम संस्कार के बाद जब परीक्षित के परिजन और गांव के लोग घर लौट रहे थे, तभी उन्होने भोला सिंह के चाचा हीरा सिंह के घर पर हमला कर दिया। हीरा सिंह को घर से खींच कर बाहर निकालते हुए ग्रामीणों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में मनोज सिंह को आरोपी बनाया गया था, जो मामला आज भी कोर्ट में चल रहा है और उसकी लास्ट तारीख 2 अप्रैल को थी, जिसमें भोला का भाई संदीप भी पहुंचा था। मृतक परीक्षित के पिता मनोज सिंह ने बताया कि मेरा बेटा सेना में जाने के लिए ट्रेनिंग लेता था। अप्रैल महीने में कटिहार में होने वाली बहाली में वह शामिल होता। उसके कोचिंग में सरस्वती पूजा हुई थी, 7 फरवरी को प्रतिमा विसर्जन करने के लिए वह दोस्तों के साथ बूढ़ी गंडक नदी में गया था। इसी दौरान परीक्षित को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भोला, संदीप और उसके चाचा हीरा सिंह सहित आठ लोग शामिल थे। परीक्षित मर्डर केस में कोर्ट ने भोला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी इधर, परीक्षित कुमार की हत्या मामले में कोर्ट ने 27 नवंबर 2024 को भोला कुमार उर्फ सन्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। भोला जब जेल में गया तो अंदर से ही अपने गुर्गों की मदद से गैंग को ऑपरेट करने लगा। वारदात को अंजाम देने के लिए भोला ने दो खास लड़कों को रखा है। खुद उम्रकैद की सजा काट रहा, भाई और मां जेल में बंद, पिता फरार भोला सिंह के भाई संदीप कुमार को दरभंगा में ज्वेलरी शॉप से 2 करोड़ की ज्वेलरी लूटकांड में दरभंगा पुलिस, बिहार STF ने आगरा से गिरफ्तार किया था। संदीप सिंह की निशानदेही पर उसके घर से उसकी मां उषा देवी की ओर से मिट्टी में छिपाकर रखे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। संदीप और उसकी मां उषा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, भोला सिंह के पिता संजय सिंह फरार हैं। दरभंगा में ज्वेलरी शॉप से हुई लूट मामले में गिरफ्तार संदीप की निशानदेही पर पिछले शनिवार यानी 11 अप्रैल को जब पुलिस छापेमारी के लिए भोला के घर पहुंची थी, तभी बम ब्लास्ट हो गया था। दरअसल, भोला के गुर्गों ने बम छिपाकर रखा था। ब्लास्ट में ASI विपिन कुमार ओझा और गुड़िया कुमारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को चोट आई थी।


