Ukraine defense deal with Germany: यूक्रेन और जर्मनी उन्नत ड्रोन, युद्ध में परखे गए रक्षा सिस्टम के संयुक्त उत्पादन की योजनाओं पर काम शुरू करने जा रहे हैं। यह जानकारी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को दी। बर्लिन दौरे के दौरान चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा, ‘हमने जर्मनी को कई प्रकार के ड्रोन, मिसाइल, सॉफ्टवेयर और आधुनिक रक्षा प्रणालियों को शामिल करते हुए एक द्विपक्षीय ड्रोन समझौते का प्रस्ताव दिया है। हमारी टीमें ठोस काम शुरू कर रही हैं।’
वहीं, चांसलर मर्ज ने यूक्रेन का साथ देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जर्मनी के प्रयास कम नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘हम यूक्रेन की रक्षा के अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’
ईरान युद्ध के कारण डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का ध्यान रूस द्वारा यूक्रेन पर छेड़े गए युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में किए जा रहे राजनयिक प्रयासों से हाल ही में कुछ हद तक हट गया है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी उप-राजदूत टैमी ब्रूस ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि वाशिंगटन युद्ध के समझौते के माध्यम से स्थायी समाधान के लिए प्रयास जारी रखेगा।
रूस ने अब तक यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इसमें क्रीमिया प्रायद्वीप भी शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में अपने नियंत्रण में ले लिया था।
पर्याप्त धन की कमी: जेलेंस्की
वलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन में वर्तमान में तैनात सैन्य उपकरणों की तुलना में दोगुना उत्पादन करने की क्षमता है। हालांकि, उत्पादन बढ़ाने के लिए उसके पास पर्याप्त धन नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त धन नहीं है।’
उन्हें उम्मीद है कि यूरोपीय संघ से मिलने वाला 90 अरब यूरो का कर्ज जल्द मिल जाएगा, जो पहले हंगरी की वजह से रुका हुआ था। यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने बताया कि जर्मनी के साथ 4 अरब यूरो का एक रक्षा पैकेज तय हुआ है, जिससे यूक्रेन को कई सौ पैट्रियट मिसाइलें खरीदने में मदद मिलेगी।
सैनिकों की कमी से जूझ रहा यूक्रेन
मौजूदा समय में यूक्रेन सैनिकों की भारी कमी का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लाखों लोग सेना में भर्ती होने से बच रहे हैं या ड्यूटी छोड़ चुके हैं। इस मामले में चांसलर मर्ज ने कहा कि जर्मनी सैन्य आयु के यूक्रेनी पुरुषों को उनके देश वापस भेजने में मदद करेगा।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, यूक्रेन अपने देश में बने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए रूस के भीतर तेल ठिकानों और फैक्ट्रियों पर हमले कर रहा है। जेलेंस्की इसके बाद नॉर्वे की यात्रा पर भी जाने वाले हैं, ताकि और सैन्य सहयोग जुटाया जा सके।


