खालसा सजना दिवस के अवसर पर बठिंडा में सिख पंथ के चौथे तख्त, तख्त श्री दमदमा साहिब में एक विशेष गुरमत समागम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिख संगत और पंथिक हस्तियां शामिल हुईं। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब बाबा टेक सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एस. हरजिंदर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। समागम का आरंभ श्री अखंड पाठ साहिब के भोग से हुआ। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कथा-विचार के माध्यम से संगत को संबोधित किया। तख्त श्री दमदमा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने अरदास की सेवा निभाई, वहीं रागी भाई लखविंदर सिंह के जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को मंत्रमुग्ध किया। अपने संबोधन में, जत्थेदार सिंह साहिब बाबा टेक सिंह ने खालसा सजना दिवस पर राष्ट्र को बधाई दी। उन्होंने पंथ को राष्ट्रीय एकता और बंदी सिंहों की रिहाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया। जत्थेदार ने धर्मांतरण के विषय पर भी अपने विचार व्यक्त किए। SGPC ने पंथ को दी बधाई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एस. हरजिंदर सिंह धामी ने भी खालसा सजना दिवस पर पंथ को बधाई दी। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्र को एकजुट होने का संदेश दिया। धामी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति गुरु को छोड़कर किसी अन्य पर भरोसा करता है, तो उसका पतन निश्चित है। उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि गुरु को छोड़कर लोगों पर भरोसा करने के कारण ही आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। अध्यक्ष धामी ने बाहरी ताकतों द्वारा पंथ को कमजोर करने के प्रयासों के मद्देनजर एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया।


