बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बसड़ा हिंदी में शनिवार सुबह करीब 8 बजे अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षकों की कथित लापरवाही और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने के विरोध में सैकड़ों अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभागीय कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में कुल 110 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि यहां 6 शिक्षक पदस्थापित हैं। इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई का स्तर बेहद खराब है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते और कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई अभिभावक इस विषय में सवाल उठाता है, तो शिक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा उन्हें धमकी दी जाती है। शिक्षकों के ट्रांसफर की कर रहे मांग आक्रोशित अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को लिखित आवेदन देकर विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मामले में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आशा देवी सिंह ने भी शिक्षकों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कई बार समझाने के बावजूद संबंधित शिक्षक उनके निर्देशों की अनदेखी करते हैं और बच्चों को सही तरीके से शिक्षा नहीं देते। प्रधानाध्यापिका ने इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत भेजी है। शिक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफीजूल रहमान ने बताया कि प्रधानाध्यापिका से प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों के खिलाफ शिकायत मिली है, उन्हें चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलकर आंदोलन तेज करेंगे। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बसड़ा हिंदी में शनिवार सुबह करीब 8 बजे अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षकों की कथित लापरवाही और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने के विरोध में सैकड़ों अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभागीय कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में कुल 110 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि यहां 6 शिक्षक पदस्थापित हैं। इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई का स्तर बेहद खराब है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते और कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई अभिभावक इस विषय में सवाल उठाता है, तो शिक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा उन्हें धमकी दी जाती है। शिक्षकों के ट्रांसफर की कर रहे मांग आक्रोशित अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को लिखित आवेदन देकर विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मामले में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आशा देवी सिंह ने भी शिक्षकों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कई बार समझाने के बावजूद संबंधित शिक्षक उनके निर्देशों की अनदेखी करते हैं और बच्चों को सही तरीके से शिक्षा नहीं देते। प्रधानाध्यापिका ने इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत भेजी है। शिक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफीजूल रहमान ने बताया कि प्रधानाध्यापिका से प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों के खिलाफ शिकायत मिली है, उन्हें चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलकर आंदोलन तेज करेंगे। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


