बिहार में नई सरकार के गठन से पहले ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण के बेतिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाजपा नेताओं द्वारा विपक्ष के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित भाषा के प्रयोग के विरोध में आयोजित किया गया था। आपत्तिजनक भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेता लगातार विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पुतला दहन कार्यक्रम कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष राकेश कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने असम के मुख्यमंत्री के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता को अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। बयानबाजी बंद करें, नहीं तो आंदोलन तेज होगा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा लगातार राजनीतिक शिष्टाचार का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र की गरिमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा नेताओं द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी बंद नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने एकजुट होकर पार्टी नेतृत्व के समर्थन में आवाज बुलंद की और भाजपा के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। बिहार में नई सरकार के गठन से पहले ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण के बेतिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाजपा नेताओं द्वारा विपक्ष के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित भाषा के प्रयोग के विरोध में आयोजित किया गया था। आपत्तिजनक भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेता लगातार विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पुतला दहन कार्यक्रम कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष राकेश कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने असम के मुख्यमंत्री के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता को अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। बयानबाजी बंद करें, नहीं तो आंदोलन तेज होगा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा लगातार राजनीतिक शिष्टाचार का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र की गरिमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा नेताओं द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी बंद नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने एकजुट होकर पार्टी नेतृत्व के समर्थन में आवाज बुलंद की और भाजपा के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।


