भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम चंपारण लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन में किए गए बदलावों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन के विस्तार से संबंधित कोई भी नया निर्णय लागू नहीं होने दिया जाएगा। सांसद जायसवाल ने बताया कि सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने विशेष रूप से चंपारण क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की थी। इस ट्रेन का मुख्य उद्देश्य इस इलाके के लोगों को सीधे दिल्ली से जोड़ना था, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान कम परेशानी हो और आसानी से कन्फर्म टिकट मिल सके। ट्रेन को दरभंगा तक विस्तारित करने का निर्णय विवाद तब शुरू हुआ जब सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन को दरभंगा तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। जायसवाल का तर्क है कि यदि इस ट्रेन का विस्तार समस्तीपुर तक किया जाता है, तो वहां के यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होगी। इससे चंपारण के यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट प्राप्त करना और भी कठिन हो जाएगा, जिससे ट्रेन का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा। वर्तमान में सप्तक्रांति एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच संचालित होती है। यह ट्रेन मोतिहारी, बेतिया, नरकटियागंज और बगहा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ती है, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलता है। यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे गोरखपुर, लखनऊ और मुरादाबाद से भी होकर गुजरती है। मुद्दे को रेलवे मंत्रालय के सामने उठाएंगे संजय जायसवाल ने दोहराया कि वे चंपारण के लोगों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो वे इस मुद्दे को रेलवे मंत्रालय के सामने मजबूती से उठाएंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि ट्रेन का वर्तमान स्वरूप बरकरार रहे। भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम चंपारण लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन में किए गए बदलावों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन के विस्तार से संबंधित कोई भी नया निर्णय लागू नहीं होने दिया जाएगा। सांसद जायसवाल ने बताया कि सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने विशेष रूप से चंपारण क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की थी। इस ट्रेन का मुख्य उद्देश्य इस इलाके के लोगों को सीधे दिल्ली से जोड़ना था, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान कम परेशानी हो और आसानी से कन्फर्म टिकट मिल सके। ट्रेन को दरभंगा तक विस्तारित करने का निर्णय विवाद तब शुरू हुआ जब सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन को दरभंगा तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। जायसवाल का तर्क है कि यदि इस ट्रेन का विस्तार समस्तीपुर तक किया जाता है, तो वहां के यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होगी। इससे चंपारण के यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट प्राप्त करना और भी कठिन हो जाएगा, जिससे ट्रेन का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा। वर्तमान में सप्तक्रांति एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच संचालित होती है। यह ट्रेन मोतिहारी, बेतिया, नरकटियागंज और बगहा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ती है, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलता है। यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे गोरखपुर, लखनऊ और मुरादाबाद से भी होकर गुजरती है। मुद्दे को रेलवे मंत्रालय के सामने उठाएंगे संजय जायसवाल ने दोहराया कि वे चंपारण के लोगों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो वे इस मुद्दे को रेलवे मंत्रालय के सामने मजबूती से उठाएंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि ट्रेन का वर्तमान स्वरूप बरकरार रहे।


