Assassination of the IRGC Intelligence Chief: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतवा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, लेकिन उनके लिखित बयानों को ईरानी मीडिया ने प्रसारित किया है। एकबार फिर उन्होंने IRGC के इंटेलिजेंस चीफ की हत्या पर लिखित बयान जारी किया है। मोजतबा ने कहा कि ईरान की इस्लामिक रीजिम के खिलाफ हत्याएं और अपराध देश की प्रगति को रोक नहीं पाएंगे।
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा ने एक लिखित बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने IRGC के इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइज़ेशन के प्रमुख माजिद खादेमी की योगदान की सहारना की है। उन्होंने अपने बयान में अमेरिकी-इजरायल हमलों को आतंकवाद करार दिया।
अभी तक सार्वजनकि रूप से नहीं दिखे मोजतबा
28 फरवरी से अभी तक मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखे नहीं है। मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था। उनकी सेहत और अधिकार को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। एआई से बनाई गई तस्वीरों और प्रतीकात्मक इशारों के जरिए भरने की कोशिश की है, ताकि यह दिखाया जा सके कि नेतृत्व की निरंतरता बनी हुई है।
कैसे हुई थी माजिद खादेमी की हत्या?
इजरायल ने टारगेटेड अटैक के जरिए माजिद खादेमी की हत्या कर दी थी। सोमवार को तेहरान में हवाई हमले में माजिद खादेमी मारे गए थे। खादेमी को पिछले साल जून में ईरान और इजरायल के बीच 12-दिवसीय युद्ध के बाद खुफिया संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उस सैन्य संघर्ष के दौरान IRGC के पूर्व इंटेलिजेंस चीफ मोहम्मद काजेमी मारे गए थे।
तेहरान में यूनिवर्सिटी पर गिरे बम
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने राजधानी तेहरान में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर अमेरिका और इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की, जिससे इसके सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र की इमारत और शैक्षणिक केंद्र की मस्जिद के पास स्थित एक गैस सबस्टेशन को भारी नुकसान पहुंचा।
ईरान की सेना ने रविवार को कहा कि उसने दक्षिणी इजरायल में पेट्रोकेमिकल उद्योगों और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है, साथ ही कुवैत में स्थित एक अड्डे पर अमेरिकी उपकरणों के डिपो, उपग्रह संचार इकाइयों और सैनिकों पर भी हमला किया है।
28 फरवरी को टारगेटेड अटैक में मारे गए अली खामेनेई
28 फरवरी को, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ-साथ वरिष्ठ सैन्य कमांडर और आम नागरिक भी मारे गए। ईरान ने मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगाकर इसका जवाब दिया।


