‘ईरान को एक रात में मिटा देंगे…’ ट्रंप का महाविनाशक ऐलान- ‘आज की रात आखिरी हो सकती है, होर्मुज खोलो वरना अंजाम भुगतो’

‘ईरान को एक रात में मिटा देंगे…’ ट्रंप का महाविनाशक ऐलान- ‘आज की रात आखिरी हो सकती है, होर्मुज खोलो वरना अंजाम भुगतो’

Iran US War: पश्चिम एशिया क्राइसिस के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर “एक ही रात में ईरान को तबाह कर सकता है” और अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

एक रात में खत्म कर सकते हैं…

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, “ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है, और वह रात आज भी हो सकती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात कल भी हो सकती है,” इशारा करते हुए कि सैन्य कार्रवाई कभी भी हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ने सैन्य विकल्प तैयार कर रखे हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद

ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना जरूरी है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इसे बंद रखना जारी रखा, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स, पुलों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है।

ईरान रेस्क्यू मिशन का भी जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने हाल ही में ईरान में किए गए हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन का भी जिक्र किया। यह मिशन उस समय शुरू हुआ जब एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ईरान के भीतर गिर गया और उसके दो पायलट दुश्मन क्षेत्र में फंस गए।

ट्रंप के मुताबिक, इस ऑपरेशन में 170 से ज्यादा सैन्य विमान शामिल थे। पहले चरण में 21 विमान और दूसरे चरण में 155 विमान लगाए गए। कुल मिलाकर 4 बॉम्बर्स, 64 फाइटर्स, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। उन्होंने बताया कि यह मिशन करीब दो दिन तक चला और इसमें सैकड़ों और सैकड़ों सैनिक शामिल थे।

गॉड हमारे साथ थे…

ट्रंप ने इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर कहा कि यह चमत्कार जैसा था और इसमें कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा था जैसे भगवान हमारे साथ थे।” उन्होंने यह भी बताया कि एक पायलट को दिन में बचाया गया, जबकि दूसरा पायलट घायल था और ईरान के पहाड़ी इलाके में छिपकर अपनी लोकेशन बदलता रहा, जिसे बाद में खोजकर सुरक्षित निकाला गया।

लीक पर सख्त चेतावनी

ट्रंप ने ऑपरेशन की जानकारी लीक होने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि वह मीडिया संस्थान से लीक करने वाले का नाम उजागर करने को कहेंगे और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी हो सकती है। ट्रंप ने कहा हमें उस लीक करने वाले को ढूंढना होगा… उसने मिशन को खतरे में डाल दिया था।
10,000 से ज्यादा हमले का दावा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पिछले 37 दिनों में अमेरिका ने ईरान में 10,000 से ज्यादा कॉम्बैट फ्लाइट्स और 13,000 से ज्यादा टारगेट्स पर हमले को अंजाम दिया है। उन्होंने इसे सैन्य इतिहास का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बताया और कहा कि यह ऑपरेशन “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत किया गया।

कितनी सच है एक रात में खत्म की बात?

हालांकि ट्रंप के बयान बेहद आक्रामक हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि “एक रात में ईरान को खत्म करने” जैसे दावे अधिकतर राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए दिए जाते हैं। ईरान एक बड़ा और सैन्य रूप से मजबूत देश है, जहां किसी भी बड़े सैन्य अभियान के गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई तुरंत और पूरी तरह संभव नहीं मानी जाती।

बढ़ेगा टकराव या फिर होगा समझौता?

ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। जहां एक तरफ सैन्य दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक बातचीत के प्रयास भी जारी हैं। फिलहाल, हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह टकराव और तेज होगा या बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल पाएगा।

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