Iran US War Ceasefire: ट्रंप का प्लान ईरान को मंजूर नहीं, खुद बताई युद्ध रोकने की शर्तें

Iran US War Ceasefire: ट्रंप का प्लान ईरान को मंजूर नहीं, खुद बताई युद्ध रोकने की शर्तें

Iran US War Ceasefire, Iran US War Update : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही तेहरान ने संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए अपना 10 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। ईरान का कहना है कि वह केवल अपनी शर्तों के आधार पर ही किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ेगा।

अमेरिका का प्रस्ताव ईरान को मंजूर नहीं

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को ‘अत्यधिक मांग वाला’ और अव्यावहारिक बताया। मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रस्ताव तेहरान के लिए स्वीकार्य नहीं है और इसमें ऐसे कई बिंदु हैं जो ईरान की संप्रभुता के खिलाफ जाते हैं।

ईरान का 10 सूत्रीय प्लान क्या है?

ईरानी सरकारी एजेंसी के अनुसार, तेहरान ने जो 10 सूत्रीय योजना पेश की है, उसमें संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए कई अहम शर्तें शामिल हैं। जिनका जिक्र नीचे किया जा रहा है।

  1. पूरे क्षेत्र में तुरंत सभी सैन्य हमलों और शत्रुता को समाप्त किया जाए।
  2. होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
  3. युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण (रीकंस्ट्रक्शन) की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  4. ईरान पर लगाए गए सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाया जाए।
  5. क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाए।
  6. बाहरी सैन्य हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
  7. ऊर्जा ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोका जाए।
  8. मानवीय सहायता और राहत कार्यों को बिना किसी बाधा के अनुमति दी जाए।
  9. दीर्घकालिक शांति के लिए क्षेत्रीय संवाद और कूटनीतिक तंत्र स्थापित किया जाए।
  10. भविष्य में किसी भी संघर्ष को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाए।

सीजफायर पर ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर मूल मुद्दों को हल किए बिना केवल अस्थायी सीजफायर किया गया, तो इससे विरोधी पक्ष को फिर से ताकत जुटाने का मौका मिल सकता है।

रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी जताया शक

ईरान ने हाल ही में हुए अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी सवाल उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह ऑपरेशन धोखे का हिस्सा भी हो सकता है, जिसका उद्देश्य ईरान के संवेदनशील परमाणु संसाधनों तक पहुंच बनाना हो।

ओमान के जरिए जारी है बातचीत

ईरान ने बताया कि ओमान के जरिए बातचीत जारी है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा हो रही है।

क्या थमेगा टकराव या बढ़ेगा संकट?

ईरान के इस 10 सूत्रीय प्लान के बाद अब गेंद अमेरिका और उसके सहयोगियों के पाले में है। अगर इन शर्तों पर सहमति बनती है, तो संघर्ष खत्म होने की दिशा में ठोस कदम उठ सकते हैं, वरना जंग और लंबी खिंच सकती है।

फिलहाल, यह साफ है कि ईरान दबाव में झुकने को तैयार नहीं है और वह अपनी शर्तों के साथ ही शांति वार्ता में शामिल होना चाहता है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि कूटनीति हावी होती है या संघर्ष और गहराता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *