Strait of Hormuz Reopened: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। तेहरान सरकार ने अपने बंदरगाहों की ओर आने वाले जहाजों को, जो जरूरी सामान लेकर आ रहे हैं, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरानी मीडिया तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन जहाजों को संबंधित ईरानी अधिकारियों से पहले संपर्क करना होगा, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
हमले के बाद ईरान ने बंद कर दिया था होर्मुज स्ट्रेट
आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया था। तब से केवल ईरान के सहयोगी देशों या युद्ध में निष्पक्ष रहने वाले जहाजों को ही गुजरने की छूट दी जा रही थी। इस बंदिश से करीब 2000 से अधिक जहाज प्रभावित हुए, जिनमें अमेरिका और यूरोप के सहयोगी देशों के टैंकर मुख्य रूप से फंस गए। भारत जैसे देश भी इससे प्रभावित हुए, जहां कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई। भारतीय सरकार पिछले एक महीने में लगभग 6 जहाजों को निकलवाने में सफल रही, लेकिन अभी भी एक दर्जन से अधिक जहाज स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं।
जरूरी सामान वाले जहाजों को मिली गुजरने की इजाजत
ईरान के इस नए आदेश में ओमान की खाड़ी में मौजूद जहाज भी शामिल हैं। इनमें खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले जहाज प्राथमिकता में हैं। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका या इजरायल से जुड़े जहाजों को अभी भी सख्ती से रोका जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अनुमति प्राप्त जहाजों से टोल या फीस वसूली जा रही है, हालांकि भारत सरकार ने किसी भी भुगतान की बात से इनकार किया है।
युद्ध का असर और वैश्विक चिंता
यह फैसला ईरान पर भी पड़ रहे दबाव को दर्शाता है। स्ट्रेट बंद होने से ईरान की अपनी जरूरी आयात आपूर्ति बाधित हुई थी। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे मुद्रास्फीति और आर्थिक संकट की आशंका बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन करता है, इसलिए इसका बंद होना एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौती है।
अमेरिका के दो फाइटर जेट को गिराया
युद्ध की स्थिति में ईरान ने हल्के ड्रोनों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिका के दो फाइटर जेट गिराए जाने की खबरें भी आई हैं। अमेरिका और इजरायल ईरान में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखे हुए हैं, लेकिन फिलहाल वे युद्ध में फंसे नजर आ रहे हैं। ईरान की सेना ने मजबूत एयर डिफेंस दिखाया है।


