पत्नी मायके गई थी। उसके भाई और परिवार के लोग उसे वापस नहीं आने दे रहे थे। मैं उन्हें फंसाना चाहता था, इसलिए स्पीकर बम बनाया। बम बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास रखा था, जिससे यह आतंकी ब्लास्ट लगे और पत्नी के मायके वाले बुरी तरह से फंस जाएं। यह कबूलनामा उस व्यक्ति का है, जिसने 16 मार्च को सागर के रानगिर देवी धाम मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखा था। विस्फोट में 11 साल की बच्ची समेत तीन लोग घायल हुए थे। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसका इलाज भोपाल में चल रहा है। आरोपी ने वारदात से पहले एक मैसेज रानगिर मंदिर के पंडित को भेजा था, इसी से पुलिस आरोपी तक पहुंची। कैसे, पढ़िए रिपोर्ट… दुकान के बाहर रखकर गया था स्पीकर बम 16 मार्च को एक व्यक्ति बूढ़ी रानगिर माता मंदिर पहुंचा। थोड़ी देर रुका और फिर राधेश्याम रैकवार की प्रसाद की दुकान के सामने ब्लूटूथ स्पीकर छोड़कर चला गया। रात को दुकान बंद करते समय राधेश्याम को लगा कि कोई गलती से स्पीकर छोड़ गया है, इसे व्यवस्थित रख लेता हूं ताकि जब वो लौटे तो वापस कर सकूं। उन्होंने इसे उठाकर घर के भीतर रख लिया। राधेश्याम पत्नी अशोकरानी और 11 वर्षीय नातिन संजना के साथ रहते हैं। रात में खाना खाने के बाद संजना ने स्पीकर चालू किया। मोबाइल से कनेक्ट कर जैसे ही उसे ऑन किया, जोरदार धमाका हुआ। इससे तीनों घायल हो गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल पहुंचाया। संजना को घुटने, चेहरे, सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोट आईं। भोपाल में उसकी सर्जरी की गई। राधेश्याम और अशोकरानी का इलाज सागर में चला। जांच में बारूद से ब्लास्ट की पुष्टि हो गई पुलिस-प्रशासन की शुरुआती जांच में मोबाइल की बैटरी फटने की बात कही गई। रहली तहसीलदार ने भी इसकी पुष्टि करते हुए किसी भी प्रकार के बम ब्लास्ट से इनकार कर दिया। संजना की हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने मोबाइल ब्लास्ट से ऐसी चोट आना असंभव बताया। इससे संदेह हुआ तो एसपी और एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे। जांच में उन्हें कुछ वायर और दूसरे इलेक्ट्रिक सबूत मिले। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। पता चला कि विस्फोट में बारूद का उपयोग हुआ है। पुजारी को किए मैसेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस को पड़ताल में पता चला कि वारदात से पहले मंदिर के पुजारी विनोद शास्त्री के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था- विनोद दुबे जी, मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप मंदिर में बम ब्लास्ट होने से बचा लें। बाहर के 6 लोग हैं। उनके नाम फिरोज, रमजान, हसन्ने, मन्ने, रफी खान और सोनू सुने हैं। उनका गांव चिंगीटोला है। रानगिर सरपंच अनिरुद्ध भी इसमें शामिल है। एफआईआर करोगे तो गवाही भी देंगे। इसकी सूचना पुजारी विनोद शास्त्री ने रहली थाने में दी थी, लेकिन तब पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। 11 साल बड़ी महिला से शादी की, विवाद के बाद मायके गई इसके बाद पुलिस, मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर पाटई गांव में रहने वाले गोलू उर्फ इमारत पटेल तक पहुंची। शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद टूट गया। पूछताछ में सामने आया कि गोलू की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान विदिशा में रहने वाले उसके परिचित ने बताया कि सिंगरौली जिले में एक महिला है, उससे शादी हो सकती है। रिश्ते की बात करने गोलू सिंगरौली के चिंगीटोला गांव पहुंचा। शादी की बात पक्की हो गई। जून 2025 में गोलू ने परिवार और समाज के खिलाफ जाकर खुद से 11 साल बड़ी नूरजहां से शादी कर ली और उसे पाटई ले आया। शादी में करीब 70 हजार रुपए खर्च भी किए। गोलू को कुछ समय बाद पता चला कि नूरजहां पहले से शादीशुदा है। उसके 4 बच्चे हैं। पैसों के लालच में उसने गोलू से शादी की थी। इस बात को लेकर दंपती में विवाद होने लगे। झगड़ा इतना बढ़ा कि फरवरी 2026 में नूरजहां मायके में रह रहे बच्चों के पास लौट आई थी। गोलू ने बार-बार नूरजहां के परिवार वालों को उसे वापस भेजने का बोला, मगर वह नहीं लौटी। ससुरालवालों को ब्लास्ट मामले में फंसाना चाहता था आरोपी पत्नी को वापस नहीं भेजने को लेकर गोलू, ससुरालवालों से नाराज था। उसने ससुरालवालों को फंसाने के लिए अपने दोस्त नीलेश के साथ मिलकर ब्लूटूथ स्पीकर बम तैयार करने की योजना बनाई। गोलू पहले माइंस में काम कर चुका है, इसलिए वह बारूद का उपयोग करना अच्छे से जानता था। उसने स्पीकर बम बनाने के लिए देवरी से डेटोनेटर खरीदा। एक सुतली बम लेकर उसका बारूद निकाला। यू-ट्यूब की मदद से नीलेश की मदद से ब्लूटूथ स्पीकर बम बना लिया। इसे उसने इलेक्ट्रिक सर्किट से असेंबल किया था। वह बूढ़ी रानगिर मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखकर इसे आतंकी घटना दिखाना चाहता था, जिससे पत्नी के भाई और परिवार वाले इस प्रकार से फंसे कि फिर बाहर न निकल पाएं। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


