भोपाल में मार्च के आखिरी दिनों में हर साल गर्मी अपने चरम पर पहुंचती रही है, लेकिन इस बार बादल, बारिश और तेज हवा के कारण इसमें बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पिछले 11 साल में 6 बार तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक दर्ज हुआ है, जबकि इस बार तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार हैं और हीट वेव जैसे हालात बनने की संभावना भी कम है। हर साल 29, 30 और 31 मार्च को शहर में गर्मी ‘पीक जोन’ में पहुंचती है। इन दिनों में कई बार लू जैसे हालात भी बने हैं। इस बार नमी बढ़ने, बादल छाने और आंधी-बारिश की स्थिति बनने से धूप की तीव्रता कम रह सकती है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। हालांकि शनिवार को दिन में तीखी धूप निकली। सुबह 11:30 बजे से ही पारे की चाल तेज हो गई थी और शाम तक गर्मी का असर बना रहा, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। भास्कर एक्सपर्ट – एके शुक्ला, मौसम विशेषज्ञ इस बार क्यों बदलेगा ट्रेंड… इस बार दो एक्टिव वेदर सिस्टम बन रहे हैं- एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस और दूसरा दक्षिण-पूर्वी नमी का असर। इसके कारण बादल, हल्की बारिश और आंधी की स्थिति बनेगी, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। मौसम बदलने की कुछ खास वजह
नमी वाली हवाओं का प्रवेश होगा, जिससे वातावरण में नमी बढ़ेगी। बादल छाने से सूरज की तपिश कम होगी और सीधी धूप का असर घटेगा। आंधी-बारिश की स्थिति बनने से जमीन का तापमान भी नीचे आएगा, जिससे कुल मिलाकर मौसम में बदलाव महसूस होगा। असर: 2 से 4 डिग्री गिर सकता है पारा
तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है और लू जैसे हालात बनने की संभावना कम रहेगी। दिन में गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय राहत महसूस होगी। हवा की रफ्तार बढ़ने से मौसम में बदलाव और ठंडक का असर साफ नजर आएगा।


