मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह यादव टीकमगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की और शाम को जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जेल और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ आम जनता की शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देश दिए। डॉ. यादव ने शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर नवनिर्मित ओपीडी, 100 बिस्तरों वाली नई बिल्डिंग, ब्लड बैंक और ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला और एसडीएम संस्कृति लिटोरिया सहित अस्पताल का प्रबंधन स्टाफ मौजूद रहा। जनसुनवाई में गूंजा खरगापुर जमीन विवाद दोपहर में कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में खरगापुर क्षेत्र के कई निवासियों ने तहसीलदार की कार्रवाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। दीक्षा यादव की शिकायत: उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 921/3 की जमीन पर उनका 100 साल पुराना पुस्तैनी कब्जा है और 1976-77 में उन्हें पट्टा भी मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें मकान हटाने का नोटिस दिया गया है। सामूहिक बेदखली का विरोध: पप्पू विश्वकर्मा, स्वामी और आशीष यादव ने भी इसी खसरा नंबर की जमीन पर बेदखली के आदेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने उनके जवाब को अमान्य करते हुए 3 दिन के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। जेल का दौरा और सुधार की प्रेरणा इससे पहले रविवार को डॉ. यादव ने जतारा जेल का निरीक्षण किया था। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा की और उन्हें अपराध का रास्ता छोड़कर रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में जुड़कर नया जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित किया। तुरंत निराकरण के निर्देश जनसुनवाई के दौरान आईं शिकायतों पर मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं और भूमि संबंधी विवादों का मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए तत्काल और उचित निराकरण तय किया जाए।


