अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) के ईरान (Iran) पर हमले से मिडिल ईस्ट (Middle East) में घमासान मच चुका है। इस युद्ध में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) समेत कई ईरानी मंत्री और सैन्य कमांडर अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्ध की वजह से ईरान में जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है। ऐसे में ईरान न सिर्फ इज़रायल पर, बल्कि बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, ओमान, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में भी अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। ईरान के हमलों से इन देशों में जान-माल नुकसान भी हुआ है। 3 अमेरिकी सैनिक भी इज़रायली हमलों में मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध करीब एक महीने तक चल सकता है। इसी बीच अब युद्ध से जुड़ी एक बड़ी बात सामने आई है।
अमेरिका पर पहले हमला नहीं करने वाला था ईरान
पेंटागन (Pentagon) ने युद्ध के विषय में कांग्रेस (Congress) के सामने एक बड़ी बात स्वीकार की है। मामले से परिचित दो लोगों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के पेंटागन अधिकारियों ने कांग्रेस के सदस्यों के साथ हुई ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि ऐसी कोई खुफिया जानकारी नहीं थी जिससे यह पता चलता हो कि ईरान ने पहले अमेरिकी सेना पर हमला करने की योजना बनाई थी। अमेरिका पर ईरान पहले हमला नहीं करने वाला था।
ट्रंप का दावा हुआ झूठा साबित
पेंटागन अधिकारियों के इस बयान से ट्रंप का दावा झूठा साबित हो गया है। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने वाला था और इसी वजह से अमेरिका ने इज़रायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी।


