होली के त्योहार पर ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने वडोदरा-खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस स्पेशल ट्रेन का फायदा चित्तौड़गढ़ के लोगों को भी मिलेगा। होली के समय सबसे ज्यादा परेशानी कन्फर्म टिकट को लेकर होती है। कई बार लोगों को लंबी वेटिंग के कारण यात्रा टालनी पड़ती है। ऐसे में यह स्पेशल ट्रेन अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह ट्रेन तय तारीखों पर चलाई जा रही है, ताकि त्योहार पर घर जाने वालों को राहत मिल सके। इन तारीखों पर चलेगी, यह रहेगा समय अधिकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 09103 वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल 8, 15, 22 और 29 मार्च को वडोदरा से हर रविवार रात 9:35 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल 9, 16, 23 और 30 मार्च 2026 को हर सोमवार रात 8:55 बजे खातीपुरा से चलेगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। दोनों ओर से कुल पांच-पांच ट्रिप लगाए जाएंगे। इस ट्रेन का समय ऐसा रखा गया है कि यात्री रात में सफर शुरू करें और दिन में अपने गंतव्य पर पहुंच सकें। चित्तौड़गढ़ समेत कई बड़े स्टेशनों पर ठहराव यह स्पेशल ट्रेन अपने रास्ते में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इससे गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के यात्रियों को सीधा कनेक्शन मिलेगा। चित्तौड़गढ़ के लोगों के लिए यह ट्रेन खास है, क्योंकि यहां से सीधे गुजरात के वडोदरा और राजस्थान की राजधानी जयपुर की ओर सफर आसान होगा। होली पर जो लोग काम या पढ़ाई के लिए बाहर रहते हैं, उन्हें अपने घर आने-जाने में सुविधा मिलेगी। 20 डिब्बों की ट्रेन, हर श्रेणी के लिए सीटें रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन में कुल 20 डिब्बे लगाए हैं। इनमें 2 सेकंड एसी, 5 थर्ड एसी, 1 थर्ड एसी इकोनॉमी, 6 स्लीपर, 4 जनरल, 1 पावरकार और 1 गार्ड डिब्बा शामिल है। यानी हर बजट के यात्रियों के लिए सीट की सुविधा रहेगी। एसी से लेकर जनरल तक सभी विकल्प उपलब्ध होंगे। रेलवे का कहना है कि त्योहार के समय सुरक्षित और आरामदायक सफर के लिए यह अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। चित्तौड़गढ़ और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए यह ट्रेन होली के मौके पर बड़ी राहत साबित हो सकती है, क्योंकि इससे नियमित ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा और टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।


