Ahmedabad: शहर के सिविल अस्पताल में पहली बार बड़ी आंत के बड़े पॉलीप (गांठ) को बिना ओपन सर्जरी के एंडोस्कोपी तकनीक से सफलतापूर्वक निकाला गया है।दरअसल पॉलीप आंत की दीवार पर बनने वाली असामान्य गांठ होती है, जो कई बार रक्तस्राव और दर्द जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करती है। इस उपलब्धि ने ओपन सर्जरी को अलविदा कहकर मिनिमली इनवेसिव तकनीक से उपचार की नई राह खोली है, जिससे बच्चों को कम दर्द, कम जोखिम और तेज़ स्वस्थता का लाभ मिलेगा।सिविल अस्पताल के बालरोग शल्य चिकित्सा विभाग में 8 वर्षीय बच्चे का इलाज किया गया। पिछले तीन महीनों से उसे रक्तस्राव और पेट में तीव्र दर्द की समस्या थी। जांच में ट्रांसवर्स कोलोन में बड़ा पॉलीप पाया गया। डॉ. राकेश जोशी (बालरोग शल्य चिकित्सक), डॉ. भूमित पटेल (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) और डॉ. सीमा गांधी (एनेस्थेटिस्ट) की टीम ने हाल ही में कोलोनोंस्कोपिक पॉलीपेक्टोमी तकनीक से ऑपरेशन किया।
उन्होंने दावा किया है कि यह पहली बार है, जब सिविल अस्पताल में इतने बड़े आकार का पॉलीप एंडोस्कोपी से निकाला गया। शल्य क्रिया पूरी तरह सफल रही और बच्चे को किसी भी जटिलता का सामना नहीं करना पड़ा। बायोप्सी रिपोर्ट में पॉलीप बिनाइन यानी साधारण गांठ साबित हुई। उपचार के बाद बच्चे में रक्तस्राव बंद हो गया और वह अब पूरी तरह स्वस्थ है।
200 में से किसी एक बच्चे को पॉलीप समस्या
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि “हर 100 से 200 बच्चों में से किसी एक में पॉलीप हो सकता है। यदि गुदामार्ग से रक्तस्राव हो तो कोलोनिक पॉलीप की संभावना अधिक होती है। ऐसे मामलों में एंडोस्कोपी तकनीक से उपचार करना सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इस नई सुविधा से अब बच्चों में जटिल कोलोनिक पॉलीप और अन्य समस्याओं का निदान और उपचार बिना ओपन सर्जरी संभव होगा। उनके अनुसार मिनिमली इनवेसिव तकनीक से उपचार की शुरुआत काफी उपयोगी साबित होगी।


