बिहार में नई सरकार बनते ही पुलिस एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार की सुबह नालंदा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, भोजपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों के जेल में एक साथ रेड पड़ी है। दरभंगा मंडल कारा में पुलिस टीम ने करीब 1 घंटे तक एक-एक बैरक की तलाशी ली। छापेमारी के लिए सुबह करीब 3:39 बजे के करीब टीम पहुंची, जो 4:50 बजे तक चली। जिलाधिकारी कौशल कुमार, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, सिटी एसपी अशोक चौधरी, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार, सदर एसडीएम विकास कुमार के साथ 169 अधिकारी और पुलिसकर्मी एक साथ जेल परिसर पहुंचे। बैरक से आपत्तिजनक सामान नहीं मिला टीम ने सभी वार्डों, जेल परिसर के आसपास के खाली स्थान, महिला वार्ड और किचन का बारीकी से निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान हर पहलू को गंभीरता से जांचा गया। इस दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। जेल अधीक्षक स्नेह लता ने बताया कि यह छापेमारी पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। वर्तमान में दरभंगा जेल में कोई बड़ा अपराधी बंद नहीं है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। बिहार में नई सरकार बनते ही पुलिस एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार की सुबह नालंदा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, भोजपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों के जेल में एक साथ रेड पड़ी है। दरभंगा मंडल कारा में पुलिस टीम ने करीब 1 घंटे तक एक-एक बैरक की तलाशी ली। छापेमारी के लिए सुबह करीब 3:39 बजे के करीब टीम पहुंची, जो 4:50 बजे तक चली। जिलाधिकारी कौशल कुमार, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, सिटी एसपी अशोक चौधरी, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार, सदर एसडीएम विकास कुमार के साथ 169 अधिकारी और पुलिसकर्मी एक साथ जेल परिसर पहुंचे। बैरक से आपत्तिजनक सामान नहीं मिला टीम ने सभी वार्डों, जेल परिसर के आसपास के खाली स्थान, महिला वार्ड और किचन का बारीकी से निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान हर पहलू को गंभीरता से जांचा गया। इस दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। जेल अधीक्षक स्नेह लता ने बताया कि यह छापेमारी पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। वर्तमान में दरभंगा जेल में कोई बड़ा अपराधी बंद नहीं है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।


