लोहरदगा|लोहरदगा, विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाने वाला होलिका दहन अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का दिव्य प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और होलिका दहन रात 12:50 बजे के बाद किया जाएगा, जबकि 4 मार्च को धुलेंडी पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। संजय सर्राफ ने कहा कि होलिका दहन की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण सहित अन्य पुराणों में वर्णित है। असुरराज हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को ईश्वर भक्ति से रोकने का प्रयास किया, परंतु अंततः सत्य की विजय हुई और होलिका दहन की परंपरा प्रारंभ हुई। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, नकारात्मकता के दहन और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। होलिका की अग्नि हमें क्रोध, लोभ और अहंकार त्यागकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती लोहरदगा|लोहरदगा, विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाने वाला होलिका दहन अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का दिव्य प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और होलिका दहन रात 12:50 बजे के बाद किया जाएगा, जबकि 4 मार्च को धुलेंडी पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। संजय सर्राफ ने कहा कि होलिका दहन की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण सहित अन्य पुराणों में वर्णित है। असुरराज हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को ईश्वर भक्ति से रोकने का प्रयास किया, परंतु अंततः सत्य की विजय हुई और होलिका दहन की परंपरा प्रारंभ हुई। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, नकारात्मकता के दहन और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। होलिका की अग्नि हमें क्रोध, लोभ और अहंकार त्यागकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती


