जबलपुर में ओमती निवासी व्यापारी भगवानदास उर्फ बेबू कटारिया की चाइना चाकू बेचने के मामले में गुरुवार को उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी। व्यापारी ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। कोर्ट ने कहा कि शहर में चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अवैध वसूली के लिए इसी तरह के चाकू का उपयोग किया जा रहा है। इसलिए आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। गढ़ा थाना पुलिस ने गोरखपुर स्थित एक जनरल स्टोर से 52 चाइना चाकू बरामद किए थे। पूछताछ में दुकान संचालक ने भगवानदास कटारिया का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने ओमती स्थित उनकी दुकान में छापा मारा। आरोपी की ओर से अधिवक्ता का दावा भगवानदास की ओर से सीनियर अधिवक्ता अनिल खरे ने कोर्ट में कहा कि आरोपी को केवल अन्य आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उनकी दुकान से किसी भी अवैध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई। उन्होंने भगवानदास की उम्र 56 वर्ष और खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया। अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि शहर में चाकूबाजी और हत्या के प्रयास में प्रतिबंधित चाकू का उपयोग हो रहा है। यदि जमानत दी गई, तो पुलिस की कार्रवाई प्रभावित होगी। अलग-अलग तरह के 52 चाकू मिले थे पुलिस ने एक माह पहले गोसलपुर स्थित जनरल स्टोर से 52 चाइना चाकू बरामद किए थे। दुकान संचालक ब्रजेश साहू ने बताया कि वह भगवानदास से थोक में चाकू खरीदकर बेचता था। पूर्णिमा जनरल स्टोर के काउंटर में दो कागज के डिब्बों में 20 काले रंग के बटनदार चाइना चाकू और तीन सफेद डिब्बों में 30 बटनदार चाकू रखे मिले। ब्रजेश साहू ने स्वीकार किया कि वह इन्हें विजय जनरल स्टोर, बेबू कटारिया से खरीदता था।


